जामताड़ा के सीने पर चली गोलियां, एसपी राजकुमार मेहता की तत्परता ने अपराधियों की तोड़ी कमर, चार गिरफतार, दो की तलाश जारी”…

जामताड़ा के सीने पर चली गोलियां, एसपी राजकुमार मेहता की तत्परता ने अपराधियों की तोड़ी कमर, चार गिरफतार, दो की तलाश जारी”…

जामताड़ा(JAMTADA): जिस जामताड़ा को अब तक लोग “शांत, सहज और निर्भीक जिला” कहकर पहचानते रहे हैं, उसी जामताड़ा के हृदय स्थल पर 24 दिसंबर 2025 की संध्या अपराध ने ऐसा खूनी तांडव मचाया कि पूरा जिला सिहर उठा। व्यापारियों की धड़कनें तेज हो गईं, आम आदमी के मन में भय समा गया और जिला प्रशासन की नींद उड़ गई, चैन छिन गया

कायस्थपाड़ा चौक के समीप स्थित बालाजी ज्वेलर्स में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की। आभूषण व्यवसायी अमन वर्मा को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया और इसके बाद बाजार में हवाई फायरिंग करते हुए भारी मात्रा में जेवरात लूटकर अपराधी फरार हो गए।

घटना की भयावहता ऐसी थी कि “सांप सूंघ गया”—दुकानों के शटर गिर गए, सड़कें सूनी हो गईं और हर चेहरे पर एक ही प्रश्न तैरने लगा—
“शांत जामताड़ा में यह क्या हो गया?”

शहर की शांति पर सीधा हमला

यह महज एक लूट की घटना नहीं थी, बल्कि जामताड़ा की वर्षों से बनी शांति, सामाजिक सौहार्द और व्यापारिक भरोसे पर सीधा हमला था। लोग दबी आवाज में कहने लगे कि “दिनदहाड़े गोलियां चलें और लुटेरे बेखौफ फरार हो जाएं, तो भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है।”

एसपी राजकुमार मेहता का कड़ा रुख : “ये गोलियां मेरे सीने पर चली हैं”

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने इसे व्यक्तिगत चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“यह हमला सिर्फ एक ज्वेलरी दुकान पर नहीं, बल्कि जामताड़ा की शांति और कानून-व्यवस्था पर है। यह गोलियां मेरे सीने पर चली हैं।”

एसपी के इस कथन ने पुलिस महकमे में नई ऊर्जा भर दी। दिन का चैन और रात की नींद छोड़कर वे में स्वयं हर पहलू की निगरानी में जुट गए। जहां कहीं भी लापरवाही दिखी, वहां निलंबन का हथौड़ा चला। संदेश साफ था—
कर्तव्य में ढिलाई की कोई जगह नहीं।

तत्काल कार्रवाई, तीन SIT का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए जामताड़ा थाना कांड संख्या 137/25, दिनांक 25.12.2025 के तहत BNS की धारा 309(6) एवं 27 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
एसपी राजकुमार मेहता के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जामताड़ा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नाला और पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में तीन अलग-अलग SIT टीमों का गठन किया गया।

तकनीक और खुफिया तंत्र का संयुक्त प्रहार

आईटी सेल को सक्रिय किया गया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूत्र—हर कड़ी को माइक्रो स्तर पर खंगाला गया।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे लुटेरों की मदमस्त चाल पर शिकंजा कसता गया।

गिरफ्तारी : अपराध की परतें खुलीं

लगातार छापेमारी के क्रम में पुलिस ने अजीत यादव (26) और हसमत अंसारी (22) को बिना नंबर प्लेट की काले-नीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल के साथ धर दबोचा। तलाशी में अजीत यादव के पास से 7.65 एमएम बोर का लोडेड देशी पिस्टल बरामद हुआ।
कड़ी पूछताछ में दोनों ने बालाजी ज्वेलर्स लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने अन्य सहयोगियों के नाम उजागर किए।

इनकी निशानदेही पर चंदन कुमार साह (18) और मुकेश यादव (20) को भी गिरफ्तार किया गया। उनके पास से घटना में प्रयुक्त टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल, लूट के समय पहने गए कपड़े और अन्य सामग्री बरामद की गई।

फरार अपराधियों की तलाश जारी

इस कांड में शामिल अनिल सिंह उर्फ बजरंगी और प्रवीण कुमार फिलहाल फरार हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जप्त सामग्री और आपराधिक इतिहास

पुलिस ने तीन मोटरसाइकिलें, देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, सोने की अंगूठी, कान की बाली और जले हुए आभूषणों के कैरेट के अवशेष बरामद किए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह पहले भी देवघर जिले में कई लूट और आर्म्स एक्ट के मामलों में संलिप्त रहा है।

पुलिस की टीमवर्क की मिसाल

इस पूरे अभियान में SIT में शामिल अधिकारियों और जवानों की भूमिका उल्लेखनीय रही। तकनीकी शाखा से लेकर थाना प्रभारियों तक ने एकजुट होकर काम किया। यह साबित हुआ कि जब नेतृत्व दृढ़ हो और टीम समर्पित, तो अपराध चाहे जितना भी शातिर क्यों न हो—
कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।

दिनकर की पंक्तियाँ बनीं पुलिस के संकल्प की आवाज

इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पंक्तियाँ मानो जामताड़ा पुलिस के संकल्प को स्वर देती हैं—

“क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो, उसे क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत, सरल हो।”

जामताड़ा पुलिस ने दिखा दिया कि वह दंतहीन नहीं है।

भरोसे की बहाली

इस वारदात ने जामताड़ा को झकझोर दिया, लेकिन एसपी राजकुमार मेहता के नेतृत्व में की गई त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने यह भरोसा भी दिलाया कि
“अंधेरी रात चाहे कितनी भी गहरी हो, सवेरा होकर रहता है।”

आज जामताड़ा फिर कह सकता है—
अपराधियों की यहां ख़ैर नहीं।

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *