
जामताड़ा(JAMTADA):एक दर्जन प्रशिक्षु प्रशासनिक अधिकारी जामताड़ा की मिट्टी में विकास की सच्चाई तलाशने उतरने वाले हैं। सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा की ओर अग्रसर इन भावी अधिकारियों की यात्रा अब सैद्धांतिक से वास्तविक अनुभव की ओर बढ़ रही है। लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, मसूरी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे ये 12 अधिकारी आगामी 9 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक जिले के फतेहपुर और करमाटांड़ प्रखंडों में फील्ड स्टडी एवं रिसर्च प्रोग्राम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
यह अध्ययन न केवल योजनाओं की ज़मीनी हकीकत को उजागर करेगा। बल्कि सरकारी एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यान्वयन की गुणवत्ता और पारदर्शिता का तुलनात्मक विश्लेषण भी करेगा। माना जा रहा है कि यह पहल जामताड़ा के भविष्य के विकास की विश्वसनीयता को नई परिभाषा देगी। वहीं, यह अध्ययन “सुई से छेद कर सच्चाई निकालने” की तरह उन त्रुटियों और भ्रष्टाचार के प्रतिशत को भी उजागर कर सकता है। जो अक्सर रिपोर्टों में अनदेखे रह जाते हैं।
उपायुक्त रवि आनंद ने की समीक्षा बैठक
उपायुक्त रवि आनंद (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपायुक्त ने कहा —
“यह अवसर न केवल प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए सीखने का माध्यम होगा। बल्कि हमारे लिए भी आत्ममंथन का क्षण होगा। योजनाओं के आउटपुट की तुलना इनपुट से करने का यही सही समय है।”
उन्होंने जिला स्तरीय सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि 9 से 15 नवंबर तक प्रशिक्षु अधिकारियों के जामताड़ा प्रवास के दौरान आवासन, परिवहन एवं स्थल समन्वय की सभी तैयारियां समयपूर्व पूर्ण कर ली जाएं।
दो टीमों में बंटेगा अध्ययन दल: जामताड़ा के गांवों में होगी गहन पड़ताल
सूचना के अनुसार, मसूरी से 8 नवंबर को प्रस्थान करने के बाद यह दल नई दिल्ली–आसनसोल– जामताड़ा मार्ग से पहुंचेगा। आगमन के बाद प्रशिक्षु अधिकारियों की टीम को दो समूहों में बांटा जाएगा —
- पहली टीम फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत शिमलडुबी पंचायत के पाटनपुर गांव का अध्ययन करेगी।
- दूसरी टीम करमाटांड़ प्रखंड अंतर्गत तेतुलबंधा पंचायत के चरघरा गांव का दौरा करेगी।
हर टीम में 6-6 प्रशिक्षु अधिकारी होंगे।
ये अधिकारी ग्रामीण जीवनशैली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन, और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे बिंदुओं पर शोध करेंगे।
भविष्य के अफसर, वर्तमान की नब्ज़ पकड़ेंगे”
इस अध्ययन कार्यक्रम का उद्देश्य यह देखना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल तक कितनी प्रभावशीलता से पहुंचा है। उपायुक्त ने कहा —
“इन युवा अधिकारियों की दृष्टि निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक होगी। वे यह आंकेंगे कि सरकारी इनपुट का आउटपुट कितना प्रभावी है।”
साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह रिसर्च स्थानीय एजेंसियों के कामकाज का एक “दर्पण” साबित होगी। जिसमें अच्छाइयाँ भी दिखेंगी और कमियाँ भी।
अधिकारियों की मौजूदगी में तय हुई रणनीति
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला योजना पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी फतेहपुर प्रेम कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी करमाटांड़ नूपुर कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपने-अपने विभागीय स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

