जल जीवन मिशन : 25 लाख महिलाओं को मिला पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण, 80 फीसदी ग्रामीण परिवारों को नल के पानी की सुविधा…

जल जीवन मिशन : 25 लाख महिलाओं को मिला पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण, 80 फीसदी ग्रामीण परिवारों को नल के पानी की सुविधा…

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने मंगलवार को जल सुरक्षा पर दूसरे राज्य जल मंत्रियों की बैठक का उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है। इस मिशन के तहत अब 25 लाख महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं फील्ड टेस्टिंग किट्स का उपयोग कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि उनके गांवों में पहुंचने वाला पानी सुरक्षित और स्वच्छ हो। इसके अलावा, नल से पानी मिलने से महिलाओं का हर दिन करीब 5.5 करोड़ घंटे बच रहा है जिससे वे आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग ले सकती हैं।

बैठक में केंद्रीय मंत्री पाटिल ने जल जीवन मिशन (JJM) की उपलब्धियों पर जोर दिया और सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन तेजी से सफल हो रहा है और अब तक 80% ग्रामीण परिवारों को नल के पानी की सुविधा मिल चुकी है। इससे 15 करोड़ से अधिक परिवारों को साफ पानी मिल रहा है।

जल जीवन मिशन का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक इस पहल से डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से होने वाली 4 लाख मौतों को रोका गया है। इसके अलावा, स्वास्थ्य पर खर्च कम होने से ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर भी सुधरा है।

सी. आर. पाटिल ने यह भी बताया कि “जल सुरक्षा, विकसित भारत @ 2047 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।” सरकार और समुदाय की भागीदारी से जल जीवन मिशन को सफल बनाकर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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