
कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ रहे छात्रों के लिए CBSE ने एक अहम नोटिस जारी किया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बोर्ड एग्जाम में शामिल होने के लिए अब कम से कम 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। यह निर्देश 4 अगस्त 2025 को जारी हुआ है और 9 अक्टूबर 2024 के पुराने सर्कुलर का विस्तार है। बोर्ड का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों में पढ़ाई की नियमितता और परीक्षा की गंभीरता को बढ़ाना है।
स्कूलों को जारी की गई SOP की प्रमुख बातें —
शुरुआत में ही जानकारी दें: स्कूल सुनिश्चित करें कि छात्रों व अभिभावकों को उपस्थिति नियमों की जानकारी सत्र की शुरुआत में ही दे दी जाए।
छुट्टी उचित तरीके से: बीमारी या इमरजेंसी में ली गई छुट्टी लिखित प्रार्थना-पत्र और दस्तावेज के साथ स्वीकार होगी। बेवजह अनुपस्थिति को गंभीर माना जायेगा।
सख्त उपस्थिति रिकॉर्डिंग: प्रतिदिन उपस्थिति रजिस्टर क्लास टीचर और प्रिंसिपल के हस्ताक्षर के साथ मेंटेन किया जाये — CBSE कभी भी निरीक्षण कर सकता है।
कम अटेंडेंस पर सूचना: जिन छात्रों की उपस्थिति कम है, उनके अभिभावकों को रजिस्टर्ड पोस्ट/ईमेल से सूचना देना अनिवार्य है।
निरीक्षण पर कार्रवाई संभव: रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर छात्र की परीक्षा रद्द और स्कूल की मान्यता तक खतरे में आ सकती है।
किन परिस्थितियों में मिलेगी छूट?
अगर किसी छात्र की उपस्थिति 75% से कम है तो सिर्फ विशेष मामलों में राहत मिलेगी — जैसे:
लंबी बीमारी (मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी)
परिवार में मृत्यु (मृत्यु प्रमाणपत्र)
राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय खेल या प्रतियोगिता में भागीदारी
गंभीर पारिवारिक स्थिति
ऐसे सभी मामले 7 जनवरी 2026 तक संबंधित CBSE रीजनल ऑफिस भेजने होंगे। देर से या अधूरे भेजे गये आवेदन स्वीकार नहीं किए जायेंगे।
CBSE Important Notice 2025
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

