जय माता दी मंदिर में श्री राम जी की प्रतिमा स्थापना हेतु नींव का आयोजन: एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक अवसर…

जय माता दी मंदिर में श्री राम जी की प्रतिमा स्थापना हेतु नींव का आयोजन: एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक अवसर…

सिंदरी(SINDRI):आज का दिन जय माता दी मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। इस दिन, सोनू गिरी जी के नेतृत्व में श्री राम जी की प्रतिमा स्थापना के लिए नींव रखी गई। यह आयोजन न केवल मंदिर के श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक अवसर था, बल्कि पूरे समुदाय के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण था।

आयोजन का प्रारंभ:

जैसे ही दिन की शुरुआत हुई, मन्दिर परिसर में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर के पुजारी ने सबसे पहले धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की। भगवान श्री राम की पूजा अर्चना करते हुए, उन्होंने प्रार्थना की कि यह आयोजन सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। इस पूजा के साथ ही नींव की खुदाई का कार्य शुरू हुआ।

नींव की खुदाई:

नींव की खुदाई की प्रक्रिया बेहद पवित्र मानी जाती है, क्योंकि यह प्रतिमा की स्थिरता और सुरक्षा का आधार होती है। मंदिर के दोनों पुजारियों ने इस कार्य को बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ अपने हाथों से शुरू किया। इसके बाद, अन्य श्रद्धालु भी इस कार्य में भागीदार बने।

भाई दा, मुन्ना भैया, किशोर भैया और रोहित सिंह जैसे प्रमुख लोग इस उत्सव में सक्रिय रूप से शामिल हुए। इन्होंने भी अपने हाथों से मिट्टी की खुदाई की और पूरे कार्य को तीव्र गति से संपन्न किया। इस प्रकार, यह आयोजन सामूहिक रूप से हुआ और हर किसी ने इसे अपनी भागीदारी से सफल बनाया।

आध्यात्मिक और सामूहिक महत्व:

यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि समुदाय की एकता और सहयोग का प्रतीक भी था। जब लोग एक साथ आकर धार्मिक कार्यों में शामिल होते हैं, तो इससे न केवल सामूहिक शक्ति का अहसास होता है, बल्कि यह समाज में प्रेम, भाईचारे और सामंजस्य को बढ़ावा भी देता है।

इस नींव रखे जाने के कार्य के दौरान मंदिर में उपस्थित लोग श्री राम के नाम का जाप कर रहे थे और उनके आशीर्वाद की प्रार्थना कर रहे थे। इस पवित्र आयोजन ने समस्त उपस्थित श्रद्धालुओं के दिलों में एक अजीब सी खुशी और संतुष्टि का अहसास कराया।

उपस्थित श्रद्धालु:

इस आयोजन में न केवल स्थानीय लोग शामिल थे, बल्कि दूर-दराज से भी भक्तगण जय माता दी मंदिर में इस पवित्र कार्य में भाग लेने पहुंचे थे। मंदिर परिसर में हर कोई भगवान श्री राम के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त कर रहा था। लोग एक दूसरे को इस शुभ अवसर की बधाई दे रहे थे और सभी ने मिलकर इस महान कार्य को सफलता दिलाने की शुभकामनाएं दी।

भविष्य की दृष्टि:

इस आयोजन के बाद, मंदिर में श्री राम की प्रतिमा की स्थापना का कार्य भी जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। यह मंदिर ना केवल धार्मिक कार्यों का केंद्र बनेगा, बल्कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल भी बन जाएगा। प्रतिमा की स्थापना के बाद, मंदिर में नियमित पूजा और भव्य उत्सवों का आयोजन किया जाएगा, जो लोगों के जीवन में और अधिक आस्था और ऊर्जा भरेंगे।

समाप्ति:

आज का दिन जय माता दी मंदिर के इतिहास में एक अविस्मरणीय क्षण बनकर रहेगा। श्री राम जी की प्रतिमा की नींव रखे जाने के साथ, मंदिर ने एक नया अध्याय शुरू किया है। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्य नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व का भी प्रतीक था।

इस आयोजन के सफल सम्पन्न होने के साथ, भक्तों ने यह संकल्प लिया कि वे हर कदम पर भगवान श्री राम के मार्ग पर चलेंगे और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को संवारेंगे। इस धार्मिक कार्य के लिए श्रद्धालुओं ने सोनू गिरी जी और अन्य सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया, जिनकी मेहनत और भक्ति ने इस कार्य को सफल बनाया।

NEWSANP के लिए सिंदरी से भोला बाउरी की रिपोर्ट

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