हजारीबाग(HAZARIBAGH): मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आईईडी विस्फोट में एक कैप्टन समेत दो जवान शहीद हो गए. शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बख्शी झारखंड के हजारीबाग के रहने वाले थे. बुधवार दोपहर दो बजे तक उनका पार्थिव शरीर हजारीबाग स्थित उनके पैतृक घर पहुंचेगा.जैसे ही उनके शहीद होने की खबर आम लोगों तक पहुंची, उनके घर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया. हर कोई शहीद के परिवार के साथ खड़ा नजर आ रहा है. पूरा इलाका भारत माता की जय से गूंज रहा है. परिवार वाले दुखी है, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व भी है कि उनके बेटे ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी.गौरतलब हो कि जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास मंगलवार को हुए आईईडी विस्फोट में सेना के एक कैप्टन समेत दो जवान शहीद हो गए. वहीं एक जवान घायल है. शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बख्शी उर्फ पुनीत हजारीबाग के झूलू पार्क के रहने वाले थे. वे अजिंदर सिंह बख्शी और नीलू बख्शी के इकलौते बेटे थे.सेना के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों द्वारा लगाई गई आईईडी में विस्फोट हो गया, जिससे वे घायल हो गए, उनकी शहादत की खबर पर हजारीबाग में शोक की लहर है.
परिजनों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के अखनूर में एलओसी पर तैनात सरदार करमजीत सिंह बख्शी की 5 अप्रैल को शादी होने वाली थी. इसकी तैयारी के लिए वे 10 दिन पहले हजारीबाग में थे. शादी तय होने के बाद वे ड्यूटी पर कश्मीर चले गए. परिजनों के मुताबिक, 29 मार्च को हजारीबाग में शादी से जुड़ी रस्में निभाई जानी थीं. इसके बाद 5 तारीख को जम्मू में ही शादी तय थी.बुधवार दोपहर शहीद कैप्टन का शव हजारीबाग स्थित भारत माता चौक पहुंचने की उम्मीद है. उनके पारिवारिक मित्र देवेंद्र सिंह बग्गा ने बताया कि पुनीत शुरू से ही सेना में जाने के लिए उतावले थे.
NEWSANP के लिए हजारीबाग से ब्यूरो रिपोर्ट
