धनबाद(NIRSA): जमीन पर बैठ ढूंढ़ रही मइयां अपना सम्मान यह एक मुहावरा नहीं बल्कि हकीकत है। आपको बता दे कि निरसा के एग्यारकुंड अंचल कार्यालय में बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। रोजाना दर्जनों की संख्या में मईयां सम्मान योजना का पैसा क्यों नहीं मिला है। इसकी खोजबीन करने के लिए अंचल एवं प्रखंड कार्यालय पहुंच रही है। एगयारकुंड प्रखंड से कुल 19107 आवेदनों में से 4745 मईयाओं का नाम होल्ड कर दिया गया है। जिसमें 20 ग्राम पंचायत के लाभुक है। वही शहरी क्षेत्र चिरकुण्डा नगर परिषद का नाम अंचल कार्यालय में देखने की भीड़ लगी हुई है। जहां पर जमीन पर बैठ कर अपना नाम व कारण ढूंढने का प्रयास कर रही है। चिरकुण्डा नगर परिषद क्षेत्र में 6038 महिलाओं ने आवेदन जमा किया था जिसमें से 1764 लाभुकों को होल्ड कर दिया गया है। यानी 7500 रूपया उन्हें नहीं मिला है। जिसके कारण महिलाएं काफी बिचलित दिख रही है। और सरकार के इस निर्णय को मजाक करार दे रही है। महिलाओं से इस संबंध में ज़ब पूछा गया तो उनका कहना था की सरकार बिना सोचे समझें मईयां के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है। पांच माह तक मईयां सम्मान योजना का लाभ मिलने के बाद अचानक बंद कर दिया गया। क्यों बंद हुआ इसका ना तो अंचल ना ही प्रखंड के पदाधिकारी कुछ भी बताने में सक्षम नहीं है। उनका सिर्फ यही कहना है की पोर्टल खुलने पर त्रुटि का पता चल पाएगा। जबकि मईयां सम्मान का पोर्टल विधानसभा चुनाव के दौरान अचार सहिता लगने के साथ ही बंद है जिसके कारण प्रतिदिन अंचल सह प्रखण्ड कार्यालय में अपना सम्मान ढूंढ रही है।
NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट…
