- राज्य स्तरीय जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन
- पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) संजय सिंह के नेतृत्व में समन्वित कार्यवाही
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, शिक्षा विभाग एवं पुलिस विभाग का संयुक्त प्रयास
- जामताड़ा एवं नाला अनुमंडलों में कुल 103 शिकायतें दर्ज
- 72 शिकायतों का त्वरित निष्पादन.
- आम जनों को मिला राहत एवं न्याय की उम्मीद
जामताड़ा(JAMTADA):1. राज्य स्तरीय पहल का हिस्सा बना जामताड़ा जिला
दिनांक 16 अप्रैल 2025 को झारखंड राज्य सरकार द्वारा घोषित राज्य स्तरीय “जन शिकायत समाधान कार्यक्रम” का आयोजन पूरे राज्य में किया गया। इस महत्त्वपूर्ण पहल का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर, उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था। इस क्रम में जामताड़ा जिला भी सक्रिय रूप से इस अभियान में सम्मिलित रहा।
2. नेतृत्व एवं समन्वय की सशक्त मिसाल बने डीएसपी (मुख्यालय)
इस कार्यक्रम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) संजय सिंह ने किया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, शिक्षा विभाग, प्रखंड कार्यालय तथा जिले के विभिन्न थाना और शाखा पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
3. आयोजन स्थलों का विवरण और नागरिक सहभागिता
जामताड़ा जिले में दो अनुमंडलों – जामताड़ा और नाला – में अलग-अलग स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजन स्थलों पर बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने अपनी शिकायतों को मौखिक एवं लिखित रूप में प्रस्तुत किया।
जामताड़ा अनुमंडल
- स्थान: जे० बी० सी० +2 विद्यालय, जामताड़ा
- प्राप्त शिकायतों की संख्या: 23
- निस्तारित शिकायतों की संख्या: 19
- अधिकारियों की उपस्थिति: जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, थाना प्रभारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य, शिक्षाधिकारी आदि।
नारायणपुर (जामताड़ा अनुमंडल अंतर्गत)
- स्थान: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पबिया (नारायणपुर)
- प्राप्त शिकायतों की संख्या: 31
- निस्तारित शिकायतों की संख्या: 21
- विशेष फोकस: शैक्षणिक, सड़क मरम्मत, राशन वितरण, पुलिस कार्रवाई में देरी से संबंधित मुद्दे
नाला अनुमंडल
- स्थान: राजकीय कृत +2 उच्च विद्यालय, नाला
- प्राप्त शिकायतों की संख्या: 49
- निस्तारित शिकायतों की संख्या: 32
- अभियान की खास बात: नाला में अधिकतर शिकायतें भूमि विवाद, विधि व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित थीं
4. प्रमुख शिकायतें एवं उनके समाधान की प्रकिया
नागरिकों द्वारा जिन समस्याओं को प्रमुख रूप से उठाया गया, उनमें शामिल थीं:
- भूमि विवाद और सीमांकन से जुड़ी शिकायतें
- राशन कार्ड में नाम सुधार व नई प्रविष्टि से संबंधित समस्याएं
- पारिवारिक विवाद में पुलिस कार्रवाई में देरी
- विधवा/वृद्धा पेंशन में अनियमितता
- स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता
- सड़क, नाली और पेयजल व्यवस्था से जुड़े मुद्दे
इन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत किया गया और संबंधित विभागों को निर्देशित कर मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया गया।
5. न्यायिक एवं विधिक सहायता की सुलभता
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। व्यवहार न्यायालय, जामताड़ा के अधिवक्ताओं एवं विधिक स्वयंसेवकों ने नागरिकों को उनके अधिकारों की जानकारी दी और जिन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की आवश्यकता थी, उनके लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
6. सामाजिक सौहार्द की मिसाल बना कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास का पुल मजबूत हुआ। शिकायतकर्ताओं ने खुलकर अपनी बात रखी और अधिकारियों ने संवेदनशीलता के साथ हर बात को सुना।
7. अधिकारियों के वक्तव्य
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), संजय सिंह ने कहा: “जन शिकायत समाधान कार्यक्रम शासन की जनसरोकार आधारित सोच को दर्शाता है। आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, उनका निवारण करना हमारा कर्तव्य है। हमने यह प्रयास किया है कि मौके पर ही अधिकतम मामलों का समाधान हो।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि ने कहा: “ऐसे कार्यक्रम आम जनता के लिए आशा की किरण होते हैं। हम अपने स्तर से कानूनी सहायता प्रदान कर रहे हैं ताकि हर नागरिक को न्याय मिले।”
8. सफलता के पीछे बेहतर समन्वय और तत्परता
इस पूरे आयोजन की सफलता का श्रेय उन तमाम विभागों को जाता है जिन्होंने एक-दूसरे से समन्वय बनाकर कार्य किया। थाना प्रभारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी एवं विधिक सलाहकारों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।
9. आंकड़ों की नजर में सफलता
| अनुमंडल | आयोजन स्थल | प्राप्त शिकायतें | निष्पादित शिकायतें
| जामताड़ा | जे० बी० सी० +2 विद्यालय, जामताड़ा | 23 | 19 |
| नारायणपुर | जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पबिया | 31 | 21 |
| नाला | राजकीय कृत +2 उच्च विद्यालय, नाला | 49 | 32 |
| कुल | — | 103 |
10. नागरिकों की प्रतिक्रियाएं
सविता देवी (नाला) “मेरे पेंशन का मामला दो साल से अटका हुआ था, लेकिन आज अधिकारियों ने मुझे तत्काल समाधान का आश्वासन दिया। मैं आभारी हूँ।”
रामकिशोर मंडल (जामताड़ा) “भूमि विवाद को लेकर मैं कई बार थाना गया था, लेकिन पहली बार मुझे सुनवाई मिली और कार्रवाई का भरोसा भी।”
11. आगे की योजना और फॉलो-अप मैकेनिज्म
कार्यक्रम के अंत में यह सुनिश्चित किया गया कि जिन शिकायतों का समाधान तत्काल नहीं हो सका, उन्हें फॉलो-अप करके निपटाया जाएगा। इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है जो 30 दिनों के भीतर लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करेगा।
12. निष्कर्ष – संवाद और समाधान की दिशा में सशक्त कदम
जन शिकायत समाधान कार्यक्रम न केवल प्रशासन की उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यशैली को उजागर करता है, बल्कि यह आम नागरिकों को भी सशक्त बनाता है। जामताड़ा जिले में इस कार्यक्रम की सफलता अन्य जिलों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पीआई सिंह की रिपोर्ट

