आसनसोल(ASANSOL):आसनसोल के कुलटी थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित एमभीआई चेकपोस्ट पर तैनात चार मोटर वाहन निरीक्षकों — सुदीपतो मजूमदार, संजय मंडल, ऋषि सूबा और शिव ओरांग — के खिलाफ अधिवक्ता बीरेंद्र कुमार सिंह ने 356(1), 356(2), 351(1) BNS की धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कराया है।
मामला 27 जुलाई 2025 को RJ 02GC 6617 नंबर की एक ट्रक को पकड़ने से जुड़ा है। अधिवक्ता के अनुसार, ट्रक मालिक के बुलावे पर वह 29 जुलाई को ट्रक की पैरवी करने एमभीआई अधिकारियों के पास गए थे। वहाँ उन्होंने जब तीन दिन से ट्रक रोके जाने की वजह पूछी तो अधिकारियों ने ओवरलोडिंग का हवाला देकर ₹30,000 का जुर्माना बताया।
हालांकि अधिवक्ता का कहना है कि ट्रक अंडरलोडेड था और उन्होंने संबंधित दस्तावेज भी अधिकारियों को दिखाए। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ट्रक अंडरलोड है, तो क्या झूठे जुर्माने को मान लेना सही होगा? इस बात पर अधिकारी भड़क गए और अधिवक्ता के साथ कथित रूप से गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और अपमानजनक व्यवहार किया। उन्हें “दलाल” तक कह कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया।
प्रशासन से शिकायत और अदालती कार्रवाई:
इस घटना के बाद अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, परिवहन मंत्री, जिलाशासक पश्चिम बर्धमान और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी। लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब मामला अदालत में लंबित है और वकीलों को न्याय मिलने की उम्मीद है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ट्रक मालिकों को अक्सर बिना कारण ट्रकों को रोककर परेशान किया जाता है और गलत जुर्माने की आड़ में वसूली की जाती है। ऐसे कई मामले पूर्व में दबा दिए गए हैं, लेकिन इस बार कानूनी कार्रवाई तक मामला पहुंच चुका है।
NEWSANP के लिए अतीक रहमान की रिपोर्ट

