गोमो(GOMO) : गोमो में हर साल आयोजित होने वाला यह वार्षिक मेला प्रसिद्ध समाजसेवी सदानंद झा की याद में मनाया जाता है। यह मेला न केवल श्रद्धांजलि देने का एक जरिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए मनोरंजन, मेलजोल और परंपरा का संगम भी है।
मेले में कदम रखते हैं, रंग-बिरंगी रोशनी से सजी दुकानें और झूले आपका स्वागत करते हैं। हर तरफ चहल-पहल, बच्चों की किलकारियाँ, तेज़ संगीत और मसालेदार चाट-पकौड़ी की खुशबू माहौल को और भी ऊर्जावान बना देती है।
इस बार मेले में कई नए और रोमांचक झूले लगे हुए हैं। जो लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं।
मेले में आए लोग पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलकर अपनी यादें ताज़ा कर रहे हैं।
यह मेला सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न रहकर है, बल्कि यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम, और लोकगीतों की प्रस्तुति भी होती है, जिससे मेले का माहौल और भी जीवंत हो जाता है।
21 मार्च तक चलेगा रोमांच और मस्ती का यह सफर!
हर कोई इस मेले का भरपूर आनंद उठा रहा है। सदानंद झा की याद में मनाया जाने वाला यह मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक भावनात्मक उत्सव बन चुका है।
NEWSANP के लिए गोमो से सबिता बर्नवाल की रिपोर्ट
