गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था पर की उच्च स्तरीय बैठक…

गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था पर की उच्च स्तरीय बैठक…

दिल्ली(DELHI):केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को दिल्ली की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य गृहमंत्री आशीष सूद, दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा और गृह मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य दिल्ली पुलिस और नई सरकार के बीच समन्वय बढ़ाना और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियां बनाना था।

बैठक में खासतौर पर दिल्ली में उभरते सुरक्षा खतरों और अपराध नियंत्रण पर चर्चा हुई। अमित शाह ने पहले भी राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की स्थिति को देखते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। वहीं दिल्ली की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर चर्चा की।

इससे पहले, 18 फरवरी को अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था को लेकर एक अहम बैठक की थी। इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी शामिल हुए थे। बैठक में शाह ने “ट्रायल इन एब्सेंटिया” (गैर-मौजूद अभियुक्तों पर मुकदमा चलाने) के प्रावधानों को लागू करने और नए आपराधिक कानूनों को अप्रैल 2025 तक पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया।

इन नए कानूनों में तीन मुख्य अधिनियम शामिल हैं

  1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023- यह Indian Penal Code (IPC) की जगह लेगा। 2. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 यह Criminal Procedure Code (CrPC) की जगह लेगा। 3. भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 -यह Indian Evidence Act की जगह लागू होगा।

अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिया कि इन नए कानूनों के क्रियान्वयन की मासिक, पाक्षिक (15 दिन की) और साप्ताहिक समीक्षा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के स्तर पर की जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि अपराधों पर तेजी से कार्रवाई हो सके और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

NEWSANP के लिए दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *