गुजरात(GUJARAT):गुजरात विधानसभा ने फैक्ट्रियों (गुजरात संशोधन) विधेयक 2025 पारित कर दिया है, जिसके तहत अब महिलाएं अपनी सहमति से नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों को अनिवार्य किया गया है।
विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने कहा कि यह कदम महिलाओं को समानता, पेशे की स्वतंत्रता और आर्थिक अधिकार प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, “सहमति आधारित नाइट ड्यूटी से महिलाएं अपने परिवार की आय में योगदान कर सकेंगी और दिन के समय परिवार को भी समय दे पाएंगी।”
कहा गया कि महिला कर्मचारी नाइट शिफ्ट में तभी काम कर पाएंगी, जब उनकी सहमति हो और सुरक्षा इंतजाम पूरे हों। दैनिक कार्य समय अधिकतम 12 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन साप्ताहिक सीमा 48 घंटे ही रहेगी। साथ ही, लगातार छह घंटे काम करने के बाद आधा घंटे का विश्राम अनिवार्य होगा।
वहीं, चार लगातार 12 घंटे की शिफ्ट पूरी करने पर कर्मचारियों को दो दिन का सवैतनिक अवकाश मिलेगा। तीन महीने की अवधि में अधिकतम 125 घंटे का ओवरटाइम संभव होगा, लेकिन इसके लिए पूर्व स्वीकृति जरूरी होगी। राज्य सरकार इन प्रावधानों की अवधि और लागू क्षेत्र तय करेगी तथा परिस्थितियों के अनुसार अनुमति वापस भी ले सकेगी।
NEWSANP के लिए गुजरात से ब्यूरो रिपोर्ट

