गरीब मजदूरों का आवास हो या पूर्व सैनिकों की पेंशन—हर जनहित का विषय का समाधान होना जरूरी है : ढुलू महतो…

गरीब मजदूरों का आवास हो या पूर्व सैनिकों की पेंशन—हर जनहित का विषय का समाधान होना जरूरी है : ढुलू महतो…

धनबाद सांसद द्वारा सदन के पटल पर रखे गए महत्वपूर्ण मुद्दें, मंत्रालय से मिला जवाब

धनबाद(DHANBAD):झारखंड के धनबाद से लोकसभा सांसद श्री ढुलू महतो ने 3 और 4 अप्रैल 2025 को संसद में राज्य के नागरिकों के कल्याण से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाया। इन प्रश्नों के माध्यम से उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान झारखंड के औद्योगिक शहरों में गरीबों की आवासीय समस्याओं और पूर्व सैनिकों की पेंशन व्यवस्था की ओर आकृष्ट किया।

धनबाद-बोकारो में किफायती किराया आवास परियोजना का मामला

सांसद ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय से पूछा है कि क्या धनबाद और बोकारो जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में गरीबों, प्रवासी मजदूरों और शहरी कामगारों को जीवन-यापन में सुविधा देने हेतु ‘किफायती किराया आवास परिसर’ (Affordable Rental Housing Complexes – ARHC) योजना लागू की गई है या नहीं।

मंत्रालय के उत्तर में स्पष्ट किया गया कि अब तक झारखंड राज्य से इस योजना के अंतर्गत कोई परियोजना प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। यह योजना वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई थी, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों को सस्ती दरों पर किराये के मकान उपलब्ध कराना है। यह योजना अब पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत “सभी के लिए आवास” मिशन में सम्मिलित कर दी गई है।

सांसद ने इस उत्तर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजकर इस योजना का लाभ धनबाद और बोकारो जैसे मजदूर-प्रधान शहरों के नागरिकों तक पहुँचाए।

झारखंड में रक्षा पेंशन प्रणाली (SPARSH) की स्थिति पर सवाल

सांसद ढुलू महतो ने रक्षामंत्री से यह जानकारी मांगी कि झारखंड में पूर्व सैनिकों और रक्षा पेंशनभोगियों के लिए SPARSH (System for Pension Administration – Raksha) प्रणाली की वर्तमान स्थिति क्या है।

रक्षा राज्य मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर में बताया गया कि अक्टूबर 2020 से SPARSH प्रणाली को झारखंड सहित पूरे देश में लागू कर दिया गया है। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से पेंशनभोगियों को पारदर्शी, सरल और प्रभावी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। झारखंड में वर्तमान में कुल 26,967 रक्षा पेंशनभोगी इस प्रणाली से लाभान्वित हो रहे हैं। उनके लिए 113 सेवा केंद्र (Service Centres) कार्यरत हैं, जो पेंशन संबंधित सेवाएं और सहायता प्रदान करते हैं।

पेंशनभोगी SPARSH पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, सेवा अनुरोध कर सकते हैं और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी जमा कर सकते हैं।

सांसद ने कहा कि वे गरीब मजदूरों का आवास हो या पूर्व सैनिकों की पेंशन—हर जनहित का विषय का समाधान होना जरूरी है। माननीय प्रधानमंत्री जी की सरकार प्राथमिकता से इन विषयों पर कार्य कर रही है। मुझे उम्मीद जल्द ही मेरे द्वारा संसद में उठाये गए मुद्दों पर सरकार उचित पहल करेगी।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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