खत्म हुआ वर्षों का इंतजार! आज होगा पटना मेट्रो का शुभारंभ, कितने स्टेशन, लगेगा कितना किराया?

खत्म हुआ वर्षों का इंतजार! आज होगा पटना मेट्रो का शुभारंभ, कितने स्टेशन, लगेगा कितना किराया?

पटना(PATNA): बिहार की राजधानी पटना आज एक नए युग में कदम रख रही है। विधानसभा चुनाव से पहले पटना को मेट्रो की सौगात मिल रही है। आज से मेट्रो का परिचालन पटना में शुरू हो जाएगा। आज बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान भी होने वाला है। चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे।

उम्मीद है कि मेट्रो शुरू होने से शहर के सड़कों पर जाम और भीड़ की परेशानी कम होगी। नीली लाइन के इस पहले रूट में इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से बूथनाथ तक तीन प्रमुख स्टेशन शामिल हैं – पाटलिपुत्र ISBT, जीरो माइल और भूतनाथ।

यह परियोजना नीतीश कुमार का दशकों पुराना सपना रही है। अब यह सपना साकार हो चुका है और पटना भारत के 24वें मेट्रो शहर के रूप में अपनी जगह बना चुका है। पटना मेट्रो सिर्फ शहर में यात्रा को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि बिहार की संस्कृति को भी लोगों के सामने लाएगी। मेट्रो के कोच बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी कला से सजे हुए हैं।

खत्म हुआ वर्षों का इंतजार! आज होगा पटना मेट्रो का शुभारंभ, कितने स्टेशन, लगेगा कितना किराया?बिहार की राजधानी पटना आज एक नए युग में कदम रख रही है। विधानसभा चुनाव से पहले पटना को मेट्रो की सौगात मिल रही है। आज से मेट्रो का परिचालन पटना में शुरू हो जाएगा। आज बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान भी होने वाला है। चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे।उम्मीद है कि मेट्रो शुरू होने से शहर के सड़कों पर जाम और भीड़ की परेशानी कम होगी। नीली लाइन के इस पहले रूट में इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से बूथनाथ तक तीन प्रमुख स्टेशन शामिल हैं – पाटलिपुत्र ISBT, जीरो माइल और भूतनाथ।यह परियोजना नीतीश कुमार का दशकों पुराना सपना रही है। अब यह सपना साकार हो चुका है और पटना भारत के 24वें मेट्रो शहर के रूप में अपनी जगह बना चुका है। पटना मेट्रो सिर्फ शहर में यात्रा को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि बिहार की संस्कृति को भी लोगों के सामने लाएगी। मेट्रो के कोच बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी कला से सजे हुए हैं।उद्घाटन समारोह और मेट्रो यात्रापहली मेट्रो ट्रेन पाटलिपुत्र बस डिपो से चलेगी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे। यात्री सेवा 7 अक्टूबर से शुरू होगी। फिलहाल यात्रियों के लिए 4.3 किलोमीटर का यह रूट उपलब्ध होगा। एक स्टेशन की यात्रा का न्यूनतम किराया 15 रुपये होगा, जबकि पूरे रूट का किराया 30 रुपये रहेगा। मेट्रो रोजाना सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी, जिसमें 40-42 ट्रिप्स तय की गई हैं।पटना की संस्कृति मेट्रो मेंमेट्रो के कोच बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी कला से प्रेरित डिज़ाइन में बनाए गए हैं। हर कोच में पारंपरिक पैटर्न दिखाए गए हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दिखाते हैं। हर ट्रेन में 900 लोग बैठ सकते हैं, जबकि हर कोच में 300 यात्री की सीट है। इस तरह, भीड़ वाले समय में भी यात्रा आरामदायक होगी। फिलहाल मेट्रो ट्रेनें हर 20 मिनट के अंतराल पर चलेंगी।नीतीश कुमार का सपना साकारपटना मेट्रो परियोजना नीतीश कुमार का लंबे समय का सपना रही है। इसकी योजना पहली बार 11 जून 2013 को बिहार कैबिनेट में मंजूर हुई थी। जून 2014 में केंद्र सरकार ने भी इस परियोजना को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी 2019 को पहले कॉरिडोर की आधारशिला रखी, और इसके अगले दिन पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL) की स्थापना हुई।दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को परियोजना सलाहकार के रूप में चुना गया, जबकि एल एंड टी ने जनवरी 2022 में पहले चरण के कॉरिडोर 2 के डिज़ाइन और निर्माण का ठेका प्राप्त किया। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 13,925.5 करोड़ रुपये है, जिसमें बिहार सरकार, केंद्र सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) का वित्तीय योगदान शामिल है।NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट


पहली मेट्रो ट्रेन पाटलिपुत्र बस डिपो से चलेगी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे। यात्री सेवा 7 अक्टूबर से शुरू होगी। फिलहाल यात्रियों के लिए 4.3 किलोमीटर का यह रूट उपलब्ध होगा। एक स्टेशन की यात्रा का न्यूनतम किराया 15 रुपये होगा, जबकि पूरे रूट का किराया 30 रुपये रहेगा। मेट्रो रोजाना सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी, जिसमें 40-42 ट्रिप्स तय की गई हैं।

पटना की संस्कृति मेट्रो में
मेट्रो के कोच बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी कला से प्रेरित डिज़ाइन में बनाए गए हैं। हर कोच में पारंपरिक पैटर्न दिखाए गए हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दिखाते हैं। हर ट्रेन में 900 लोग बैठ सकते हैं, जबकि हर कोच में 300 यात्री की सीट है। इस तरह, भीड़ वाले समय में भी यात्रा आरामदायक होगी। फिलहाल मेट्रो ट्रेनें हर 20 मिनट के अंतराल पर चलेंगी।

नीतीश कुमार का सपना साकार
पटना मेट्रो परियोजना नीतीश कुमार का लंबे समय का सपना रही है। इसकी योजना पहली बार 11 जून 2013 को बिहार कैबिनेट में मंजूर हुई थी। जून 2014 में केंद्र सरकार ने भी इस परियोजना को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी 2019 को पहले कॉरिडोर की आधारशिला रखी, और इसके अगले दिन पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL) की स्थापना हुई।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को परियोजना सलाहकार के रूप में चुना गया, जबकि एल एंड टी ने जनवरी 2022 में पहले चरण के कॉरिडोर 2 के डिज़ाइन और निर्माण का ठेका प्राप्त किया। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 13,925.5 करोड़ रुपये है, जिसमें बिहार सरकार, केंद्र सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) का वित्तीय योगदान शामिल है।

NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

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