रांची(DHANBAD): हाईकोर्ट के अधिवक्ता सूरज कुमार का कोर्ट रूम से निकलते ही आकस्मिक निधन हो गया है. वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि अधिवक्ता सूरज कुमार आम दिनों की तरह अपने केस की पैरवी करने पहुंचे थे. दरअसल, अधिवक्ता सूरज कुमार मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही मूर्छित होकर गिर पड़े. इत्तेफाक से वहां एक चिकित्सक मौजूद थे जो अपने केस के सिलसिले में आए हुए थे. उन्होंने फौरन सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया. आमतौर पर दिल की धड़कन रुकने पर मरीज को आपातकालीन उपचार के तहत सीपीआर दी जाती है. इसी बीच गाड़ी की व्यवस्था कर अधिवक्ता को हाईकोर्ट कैंपस से महज एक किलोमीटर की दूरी पर मौजूद पारस अस्पताल ले जाया गया.
वहां डॉक्टरों ने हर संभव कोशिश की, लेकिन सूरज कुमार नहीं उठे. उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय, जस्टिस अरुण कुमार राय, महाधिवक्ता राजीव रंजन, अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार, धीरज कुमार, नवीन कुमार, अशोक कुमार, राम सुभग सिंह समेत कई अधिवक्ता पारस हॉस्टिल पहुंचे. दिवंगत सूरज कुमार अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र छोड़ गये हैं. एक पुत्र 11वीं और दूसरा 8वीं कक्षा का छात्र है. अधिवक्ता सूरज कुमार बहुत ही मृदुभाषी और मिलनसार थे. उनके असमय निधन से राज्य के न्यायिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है. उनको श्रद्धांजलि देने के लिए तांता लगा हुआ है.
NEWSANP के लिए रांची से विनोद सिंह की रिपोर्ट

