रांची(RANCHI): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में कोयला खनन गतिविधियों, पर्यावरणीय संतुलन, स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। मौके पर मुख्यमंत्री ने झारखंड के हितों, खनन क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की भागीदारी, रोजगार सृजन, पर्यावरणीय संतुलन तथा राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व से संबंधित विषयों को प्रमुखता से रखा।
खनन कार्य संपन्न हो जाने के उपरांत जमीन को भारत सरकार वापस करें
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा की खनन कार्य संपन्न हो जाने के उपरांत जमीन को भारत सरकार राज्य सरकार को वापस करे, ताकि उस जमीन को मूल रैयतों को लौटाया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरणीय संतुलन और आधारभूत संरचना के विकास को प्राथमिकता दी जाए। मौके पर केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि राज्य और केंद्र मिलकर समाधान तलाशेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि झारखंड के विकास और लोगों की भलाई को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार हर संभव सहयोग करेगी।
इस बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, खान सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल सिन्हा, सीएमपीडीआई के सीएमडी मनोज कुमार,बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता, सीसीएल के सीएमडी सीसीएल नीलेंदु कुमार सिंह और बीसीसीएल के डीटी एम. के अग्रवाल मौजूद थे।
अनु्कंपा पर नियुक्ति के लिए शर्तों में ढील
उधर, मुख्यमंत्री ने चौकीदार स्वर्गीय भरत लोहार के आश्रित पुत्र वासुदेव कर्मकार (ग्राम- फाड़ेंगा, पोस्ट- चालियामा, थाना- नीमडीह, जिला- सरायकेला -खरसावां) और चौकीदार स्वर्गीय शशधर महतो की आश्रित पत्नी सनका बाला महतो ( ग्राम- बारदाडीह, पोस्ट- तुता, थाना- ईचागढ़, जिला- सरायकेला- खरसावां) का अनुकंपा के आधार पर चौकीदार के पद पर नियुक्ति हेतु अधिकतम उम्र सीमा को क्षान्त किए जाने से संबंधित गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

