धनबाद (DHANBAD): दिनांक 06 अप्रैल 2026 को धनबाद जंक्शन पर आयोजित धनबाद–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम में जो प्रोटोकॉल उल्लंघन एवं जनप्रतिनिधियों के अपमान की घटना हुई, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण थी बल्कि कई गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है।
इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मैंने दिनांक 07 अप्रैल 2026 को DRM, धनबाद एवं PIO को पत्र प्रेषित कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस पहल के बाद धनबाद रेल मंडल के सीनियर डी सी एम मनीष सौरभ एवँ सीनियर डी ओ एम मोहम्मद इक़बाल द्वारा स्वयं सिंह मेंशन पहुंचकर अपनी गलती स्वीकारना एवं खेद व्यक्त करना यह दर्शाता है कि मुद्दा वास्तविक था और जनभावनाओं से जुड़ा हुआ था। अधिकारियों द्वारा भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने का आश्वासन भी दिया गया है।
कल की बातचीत के क्रम में धनबाद के माननीय महापौर श्री संजीव सिंह ने अत्यंत सारगर्भित बात कही “अधिकारियों से भूल हुई है और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार भी कर ली है। अब बात को अधिक बढ़ाने से अंततः कार्रवाई उन्हीं अधिकारियों पर होगी, जो उचित नहीं है।”
आज सिंह मेंशन पहुंचकर मैंने महापौर श्री संजीव सिंह एवं झारिया की लोकप्रिय विधायक श्रीमती रागिनी सिंह से इस विषय पर विस्तार से चर्चा की। दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने बड़े हृदय और परिपक्वता का परिचय देते हुए इस घटना को भूलकर माफ कर दिया। भारतीय संस्कृति में भी कहा गया है…
“क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात।
कहें कबीर क्या घटि गया, जो भृगु मारी लात॥”
अर्थात् महान व्यक्ति वही होता है, जो क्षमा का भाव रखता है। आज माननीय महापौर एवं विधायक जी ने उसी उच्च परंपरा का परिचय दिया है।
यह केवल एक माफी नहीं, बल्कि लोकतंत्र में संवाद, संयम और सम्मान की जीत है।
मैं दोनों जनप्रतिनिधियों के इस विराट हृदय, संयम और दूरदर्शी सोच को नमन करता हूँ। साथ ही अपेक्षा करता हूँ कि भविष्य में रेलवे प्रशासन प्रोटोकॉल एवं जनप्रतिनिधियों के सम्मान का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करेगा।
जनहित के मुद्दों पर मेरी आवाज आगे भी मजबूती से उठती रहेगी।
कृष्णा अग्रवाल (सामाजिक एवं राजनैतिक कार्यकर्ता)
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

