कहीं भी अफीम खेती होते पायी गयी तो वहां के अधिकारियों पर होगी कार्रवाई: सुनील भास्कर…

कहीं भी अफीम खेती होते पायी गयी तो वहां के अधिकारियों पर होगी कार्रवाई: सुनील भास्कर…

झारखंड(DHANBAD) : पलामू पुलिस ने अफीम की खेती को रोकने के लिए कड़ा रूख अपनाया है. आईजी सुनील भास्कर ने सपष्ट कर दिया है कि जिस क्षेत्र में अफीम की खेती होते पायी जाती है वहां के रेंजर, फॉरेस्टर और मुखिया पर कार्रवाई होगी. ज्ञात हो कि डीजीपी अनुराग गुप्ता ने भी अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है. इसके लिए विभिन्न जिलों की पुलिस भी ऑपरेशन चॉकलेट के नाम से अभियान चला रही है.

पलामू और लातेहार जिले में 188 एकड़ में लगे अफीम की खेती नष्ट
पुलिस ने जनवरी तक पलामू और लातेहार जिले में 188 एकड़ में लगे अफीम की खेती को नष्ट किया है. अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया है. इसके अलावा ऐसे करीब 10 लोगों को चिन्हित भी किया गया है, जो अफीम की खेती करने में लोगों की मदद कर रहे हैं. पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.

अफीम की खेती रोकने के लिए अधिकारियों और मुखिया को दिया गया है नोटिस
अफीम की खेती पर रोक लगाने के संबंध में पलामू के आईजी सुनील भास्कर से खास बातचीत की तो उन्होंने बताया कि पुलिस इस अवैध धंधे को रोकने के लिए काफी चौकस है. झारखंड के पुलिस महानिदेशक का भी इस दिशा में पूरा फोकस है. उन्होंने कहा आगे कहा कि अफीम की खेती को रोकने के लिए पुलिस ने प्रमंडल के विभिन्न क्षेत्रों के वन विभाग के रेंजर, फॉरेस्टर, संबंधित क्षेत्र के मुखिया व चौकीदार को नोटिस दिया है.

आईजी सुनील भास्कर बोले- किसी क्षेत्र में अफीम की खेती होती है तो पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई
आईजी सुनील भास्कर ने कहा कि पुलिस ने नोटिस के माध्यम से उन्हें सूचित किया है कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं अफीम या पोस्ते की खेती हो रही है, तो इसकी तुरंत सूचना दें. ताकि उसे नष्ट किया जा सके. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कहीं भी अफीम और पोस्ते की खेती नहीं हो. लेकिन इसके बाद यदि उनके क्षेत्र में अफीम और पोस्ते की खेती पायी जाती है, तो संबंधित क्षेत्र के रेंजर, फॉरेस्टर, मुखिया व चौकीदार पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

पोस्ते की खेती के पीछ कौन लोग हैं उनको भी चिन्हित कर रही पुलिस
आईजी सुनील भास्कर ने कहा कि पोस्ते की खेती के पीछे कौन-कौन लोग हैं. उसे पुलिस चिन्हित कर रही है. बहुत जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी हो जायेगी. उन्होंने कहा कि अवैध अफीम और पोस्ते की खेती लेकर जो केस किया जा रहा है, उसके अनुसंधान में अब इस बात की भी जांच की जा रही है कि जो अवैध अफीम व पोस्ते की खेती कर रहे हैं, उन्हें ये बीज कहां से मिल रहा है. पता चलने पर बीज उपलब्ध कराने वालों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी.

आईजी सुनील भास्कर बोले- बैंक के माध्यम से हुए लेनदेन की भी होगी जांच
आईजी सुनील भास्कर आगे कहते हैं कि अफीम की खेती वाले क्षेत्र में बैंक के माध्यम से हुए लेनदेन के बारे में भी जांच की जायेगी. जांच के दौरान देखा जाएगा की जनवरी से अप्रैल तक किन-किन लोगों के खाते में हैवी ट्रांजैक्शन किया गया है. वैसे लोगों को चिन्हित कर पैसों के लेनदेन के बारे में पूछताछ की जायेगी, ताकि पता चल सके कि इस अवैध धंधे में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

NEWSANP के लिए झारखंड से ब्यूरो रिपोर्ट

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