झारखंड(JHARKHAND):पंजाब रेजिमेंटल सेंटर के किलाहरि ड्रिल स्क्वायर में बुधवार का दिन युवाओं और उनके परिवारों के लिए खास बन गया। पासिंग आउट परेड के मौके पर 962 अग्निवीर जवानों ने देश सेवा की शपथ ली। यह अग्निवीर के छठे बैच और टेरिटोरियल आर्मी के पहले बैच के लिए बड़ा दिन था। करीब सात महीने की कड़ी शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जवानों ने तालमेल के साथ आकर्षक परेड प्रस्तुत की।
ध्वज और धर्मग्रंथों को साक्षी मानकर ली शपथ
सेंटर के मेजर कलिटा ने राष्ट्रीय ध्वज और रेजिमेंटल ध्वज के सामने गीता और गुरुग्रंथ को साक्षी रखकर सभी जवानों को देश की रक्षा और सम्मान बनाए रखने की शपथ दिलाई। परेड की सलामी सेंटर के डिप्टी कमांडेंट कर्नल मानवेंद्र सिवाच ने ली। कार्यक्रम के दौरान टेरिटोरियल आर्मी के जवानों ने दुश्मनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का डेमो भी किया जिसे देखकर सभी उपस्थित लोग प्रभावित हुए।
“कच्चे लोहे से मजबूत इस्पात बने जवान”
कर्नल मानवेंद्र सिवाच ने कहा कि यह दिन हर परिवार के लिए गर्व का है। उन्होंने बताया कि इन युवाओं ने आरामदायक जीवन छोड़कर एक कठिन रास्ता चुना है जो सम्मान और जिम्मेदारी से भरा है। ट्रेनिंग के 31 सप्ताह ने इन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि ये युवा अब रेजिमेंट और देश की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ट्रेनिंग टीम, कमांडिंग ऑफिसर और प्रशिक्षकों को भी सराहा। कर्नल सिवाच ने कहा कि बदलती दुनिया और तकनीक के अनुसार भारतीय सेना खुद को लगातार अपडेट कर रही है और इन्हीं जवानों पर भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था टिकी है।
बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले चार अग्निवीर सम्मानित
सख्त ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार अग्निवीरों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। यह पल उनके परिवारों के लिए भी खास रहा।
परिवारों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
समारोह में सैन्य अधिकारी, जेसीओ, जवान और बड़ी संख्या में परिवारजन मौजूद थे। परेड की हर टुकड़ी को देखकर परिवार गर्व से भर उठे।

