ओपी डंपिंग के खिलाफ जमकर बवाल,कई वाहने फूंके, पुलिस तक हुए घायल…

ओपी डंपिंग के खिलाफ जमकर बवाल,कई वाहने फूंके, पुलिस तक हुए घायल…

झरिया(JHARIA): अलकडीहा ओपी के जीनागोरा कालीथान स्थित आउटसोर्सिंग परियोजना में शनिवार को दोपहर में रैयतों की जमीन पर जबरन ओबी डंपिंग तथा जमीन का जबरन अधिग्रहण करने के विरोध में सैकड़ों महिला पुरुष ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियार से लैस होकर परियोजना में घुसकर परियोजना को बंद करा दिया। परियोजना बंद होने से भड़के आउटसोर्सिंग समर्थकों ने परियोजना को चालू करने को कमर कसकर कवायद में जुट गए।जिससे ग्रामीण भड़क गए और परियोजना के कैंप के समीप आउटसोर्सिंग समर्थकों के साथ भिड़ंत हो गई। भिड़ंत के दौरान ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के कारण समर्थक भाग खड़े हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने कैंप और परियोजना में उग्र ग्रामीणों ने आउटसोर्सिंग परियोजना के लगभग एक दर्जन डंफरो,दो डीजल टैंकरों में तोड़फोड़ कर वाहनों को क्षतिग्रस्तबकर दिया तथा लगभग दो दर्जन परियोजना कर्मियों के मोटरसाइकिलों में आग लगा दिया।

दोनों गुटों के समर्थकों के भिड़ंत के दौरान हुई बेतहाशा मारपीट एवं पत्थरबाजी की घटना में तीसरा थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित एक दर्जन ग्रामीण घायल हो गए है। घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल और सीआईएसएफ के जवान पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया है। घटना के बाद से परियोजना में कम काज ठप है।घटना में घायल मिथुन बाउरी,कालीपद कुंभकार, राजकुमार रजक,चांदनी देवी,बिजौला देवी ,रेखा देवी ग्रामीण गंभीर रूप से घायल होने के बाद एसएनएमएमसीएच अस्पताल धनबाद में भर्ती कराया गया है।घटनास्थल पर जोरापोखर अंचल निरीक्षक पंकज भूषण,बलियापुर सीओ प्रवीण कुमार ,सहित अंचल के सभी थाना अधिकारी पुलिस बल के साथ तैनात किए गए हैं.

क्या है मामला

बताते हैं कि जीनागोरा में संचालित आउटसोर्सिंग परियोजना वर्षों से उत्खनन कार्य कर रही है। इस दौरान बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर आउटसोर्सिंग परियोजना का मलवा गिराया जा रहा है। ओबी डंपिंग के दौरान कुछ रैयतों की जमीन पर मलवा जमा हो जाने से रैयतों की जमीन नष्ट हो गई है। ओबी डंपिंग के चलते सुरंगा के संपर्क वाला सड़क भी बंद कर दिया गया है ।जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानी होने से ग्रामीण भड़के हुए थे। जमीन ओबी डंपिंग रोकने,मुआवजा व नियोजन देने तथा बंद की गई सड़कों को खोलने की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगातार आंदोलन की जाती रही है। इसी क्रम में आज सैकड़ों ग्रामीणों ने पांडव रजक के नेतृत्व में लाठी डंडा,तीर धनुष,तलवार आदि हत्यारों के साथ परियोजना को बंद करने पहाड़ीगोडा पहुंचे। इधर बंद समर्थकों के साथ मोर्चा लेने को दर्जनों आउटसोर्सिंग समर्थकों ने ग्रामीणों को परियोजना जाने से रोका।जिससे दोनों पक्षों में तनाव उभर गई। मौके पर समझौता में लगी अलकडीहा ओपी की गिने चुने पुलिस को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। इस दौरान जीनागोरा आउटसोर्सिंग कैंप के समीप सड़क पर धरना दे रहे एक दर्जन महिला पुरुष ग्रामीणों पर आउटसोर्सिंग समर्थकों ने हमला कर दिया ।हमले के क्रम में समर्थकों ने ग्रामीणों की जमकर पिटाई कर घायल कर दिया है। आउटसोर्सिंग समर्थकों द्वारा ग्रामीणों के साथ किए गए मारपीट की घटना की सूचना पाकर सारे ग्रामीण कैंप के पास पहुंचकर जो मिला उसकी पिटाई कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देख आउटसोर्सिंग समर्थक सहित सारे कर्मी भाग खड़े हुए।इस दौरान ग्रामीणों ने आउटसोर्सिंग परियोजना के एक दर्जन वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा आउटसोर्सिंग कर्मियों के लगभग दो दर्जन मोटरसाइकिलों में आग लगा दिया है । जिससे आउटसोर्सिंग कंपनी को करोड़ों का नुकसान का सामना करना पड़ा है। समाचार लिखे जाने तक किसी ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है।

NEWSANP के लिए झरिया से अरविंद सिंह बुंदेला की रिपोर्ट

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