राँची(RANCHI): सरला बिरला विश्वविद्यालय के नर्सिंग विभाग द्वारा क्रिसमस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एसबीयू के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने इस अवसर पर बोलते हुए प्रभु यीशु के परोपकार के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात् करने का आह्वान किया। दुनिया भर के कई राष्ट्रों के बीच चल रहे परस्पर संघर्षों की चर्चा करते हुए उन्होंने इस दिशा में ईसा मसीह के शांति के उपदेशों से सभी को सीख लेने की सलाह दी। ‘धन’ और ‘धर्म’ के बीच के फर्क को स्पष्ट करते हुए उन्होंने धर्म की महत्ता को श्रेष्ठ करार दिया..
मानव जीवन में क्षमा की शक्ति को उन्होंने आवश्यक बताया।अपने संबोधन में नर्सिंग विभाग की प्राचार्या डॉ. सुभानी बाड़ा ने क्रिसमस पर्व और प्रभु ईसा मसीह के जन्म के विषय में विस्तार से बताया। साथ ही प्रभु द्वारा मानव कल्याण के निमित्त किए गए कार्यों और उनके उपदेशों पर चर्चा की। संस्थान के प्रशासक आशुतोष द्विवेदी ने प्रभु ईसा को करुणा और दया का प्रतीक बताया। मानव जाति के समग्र उत्थान के लिए प्रभु के आशीर्वचनों और प्रयासों का उन्होंने जिक्र किया। डीन डॉ. नीलिमा पाठक ने प्रभु यीशु के दया और करुणा के उपदेशों को सभी के लिए अनुकरणीय बताया..
प्रभु के संदेशों पर उन्होंने विस्तार से रौशनी डाली। इस अवसर पर संस्थान के छात्रों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग विभाग की छात्रा सरीन खलखो और गरिमा पांडेय एवं धन्यवाद संबोधन विभाग की उपप्राचार्या मिनाल श्वेता ने किया।कार्यक्रम के अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान और सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने क्रिसमस के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की..
NEWSANP के लिए रांची से अर्जुन कुमार की रिपोर्ट

