धनबाद(SINDRI): केंद्र सरकार द्वारा एफसीआई सिंदरी की आवास नीति से सिंदरी वासियों में उबाल है। सीपीएम के धनबाद जिला सचिव विकास कुमार ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार एफसीआई की जमीन को अडानी और कॉरपोरेट घराने को कौड़ी के भाव में देना चाह रही है, जिससे आम आदमी को कोई फायदा नहीं है। एफसीआई ने सिंदरी के किसानों की जमीन लेकर यहां के रहनेवाले सभी लोगों की रोजगार की व्यवस्था और बाजार की भी व्यवस्था की थी, किंतु एफसीआई की बंदी के बाद संयुक्त उपक्रम से हिंदुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड की खाद कारखाना खुली। इस खाद कारखाना से सिंदरी की बेरोजगारी दूर नहीं हुई। कार्य कर रहे अधिकांश कामगार आउटसोर्सिंग से जुटाए गए हैं, जिसका शोषण भी हो रहा है। एफसीआई की खाली पड़ी जमीन पर नजर कॉरपोरेट घराने और अडानी पर पड़ी है। आवास को उजाड़कर कोयला भंडारण करने के लिए इस जमीन के एफसीआई देने के लिए तैयार हुई है, जो अन्याय पूर्ण है।
कामरेड विकास ने कहा कि सिंदरी की जनता इस अन्याय पूर्ण आवास नीति के खिलाफ संघर्ष करेगी। यहां के जनप्रतिनिधि से आशा है कि सिंदरी की उजाड़ नीति के खिलाफ जनता के संघर्ष में साथ खड़े रहेंगे। एफ सी आई को लचीला आवास नीति लाना चाहिए जिससे यहां पर रहने वाले सभी लोग आवास को लीज में ले सके और कम से कम 33 वर्ष की लीज अवधि होनी चाहिए।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

