एडिलेड में 17 साल बाद पहली बार हारा भारत, कप्तान गिल ने इस खिलाड़ी पर फोड़ा हार का ठीकरा…

एडिलेड में 17 साल बाद पहली बार हारा भारत, कप्तान गिल ने इस खिलाड़ी पर फोड़ा हार का ठीकरा…

IND vs AUS: भारतीय टीम गुरुवार को एडिलेड में दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 2 विकेट से हार गई. टीम इंडिया 2008 के बाद पहली बार इस मैदान पर वनडे में हारी है. मतलब 17 साल से भारत वनडे में इस मैदान पर अजेय था. इस हार के बाद नये कप्तान शुभमन गिल के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया. वह अपनी कप्तानी में अपने पहले दो वनडे हारने वाले पांच अन्य कप्तानों की सूची में शामिल हो गए. रोहित के 97 गेंदों में 73 और श्रेयस अय्यर के 77 गेंदों में 61 रनों की पारी के दम पर भारत ने 50 ओवरों में 264/9 का मजबूत स्कोर बनाया, जिससे कप्तान गिल (9) और विराट कोहली (0) के निराशाजनक प्रदर्शन कर फैंस को नाराज कर दिया.

कप्तानी डेब्यू में गिल के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड
रन-चेज के दौरान, मैट शॉर्ट (78 गेंदों में 74 रन, 4 चौके और 2 छक्के) और कूपर कोनोली (53 गेंदों में 61* रन, 5 चौके और एक छक्का) ने बहुमूल्य अर्धशतक बनाए जिससे स्कोरबोर्ड हमेशा चलता रहा और मिशेल ओवेन की 23 गेंदों में 36 रन की पारी (2 चौके और 3 छक्के) ने अपनी टीम को जीत दिला दी. मेजबान ने लक्ष्य का पीछा दो विकेट और 22 गेंद शेष रहते कर लिया. गिल, केएल राहुल, मोहम्मद अजहरुद्दीन, क्रिस श्रीकांत, दिलीप वेंगसरकर और अजीत वाडेकर के साथ पहले दो वनडे हारने वाले छठे भारतीय कप्तान बन गए हैं. इससे वनडे में एडिलेड ओवल में भारत का स्वर्णिम दौर भी समाप्त हो गया.

2028 के बाद पहली बार हारा भारत
फरवरी 2008 में श्रीलंका के साथ कॉमनवेल्थ बैंक त्रिकोणीय सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया से 50 रन से हारने के बाद से यह इस स्थान पर छह वनडे मैचों में भारत की पहली हार है. 2016 से भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नौ सीरीज खेली हैं, जिसमें से चार में जीत हासिल की है, जिसमें 2019 में ऑस्ट्रेलिया में जीती गई एक सीरीज भी शामिल है, जो ऑस्ट्रेलिया में भारत की पहली वनडे सीरीज जीत है. इस हार का मतलब है कि भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज गंवा दी है. पहला मुकाबला पर्थ में भारत 7 विकेट से हारा था. उस मैच में बल्लेबाजों ने बेहद खराब प्रदर्शन किया था.

गिल ने बताई हार की असल वजह
हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का मानना ​​था कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के पास पर्याप्त रन थे, लेकिन कैच छूटने के कारण वे जीत हासिल नहीं कर सके. भारत ने तीन कैच छोड़े, जिसमें नीतीश कुमार रेड्डी ने ट्रैविस हेड का कैच छोड़ा, अक्षर पटेल और मोहम्मद सिराज ने मैथ्यू शॉर्ट को दो जीवनदान दिए. हेड का कैच छोड़ना भले ही अहम न रहा हो, लेकिन शॉर्ट को कैच छोड़ना भारत के लिए परेशानी का सबब बन गया क्योंकि इस बल्लेबाज ने 74 गेंदों पर 78 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. भारत ने मैच को बेहद रोमांचक बना दिया और ऑस्ट्रेलिया के 8 विकेट चटका दिए. अगर उन्होंने अपने कैच नहीं छोड़े होते, तो नतीजा कुछ और हो सकता था.

शुभमन गिल ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने पर्याप्त रन बनाए थे, जब आप कुछ मौके गंवा देते हैं तो यह आसान नहीं होता1 जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, विकेट बेहतर होते गए1 पहले मैच में टॉस ज्यादा अहम था, लेकिन इस बार उतना नहीं. दोनों टीमों ने लगभग 50 ओवर खेले. पहली पारी के पहले 10-15 ओवर के बाद विकेट अच्छी तरह जम गया था.’

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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