बेरमो(BERMO):एक बेटी का असल घर तो ससुराल ही होता है. लेकिन जब उसी घर में उसके सांसो को छीन लिया जाय, उसकी जिंदगी ले ली जाय यानि आकाल मौत दी जाय तो फिर इसे क्या कहा जायगा.लाजमी हैं कि उस बेटी के लिए अपना ससुराल ही नर्क, क़ब्रगाह और मौतखाना बन जायगा.
ऐसा ही कुछ हुआ बेरमो के गाँधीनगर थाना के दायरे में आने वाले चार नंबर रथ मंदिर के नजदीक रहने वाली कोमल कुमारी के साथ जिसकी अधजली लाश उसके ससुराल बगोदर स्थित अलगडीहा में मिली.
दहेज़ हत्या के आरोप में पति राजेंद्र राम को बगोदर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
मृतका कोमल के भाई ने बीरबल ने बताया कि उसके जीजा राजेंद्र राम ने 13 अगस्त को बताया कि उसकी बहन गायब हो गई है. इसके बाद कोमल के मायके वाले 14 अगस्त को बगोदर पहुंचे तो कोमल का एक चप्पल घर और एक कार में मिला. पूछे जाने पर कोमल का पति राजेंद्र राम हड़बड़ाने लगा, लिहाजा शक इसके बाद से ही गहराने लगा और कुछ अनहोनी की आशंका उसी दिन होने लगी थी . हालांकि काफ़ी खोजबीन -थक हार के बाद सभी वापस बेरमो आ गए. अगले दिन 15 अगस्त को कोमल के अधजली लाश मिलने की खबर मिली तो सभी सन्न रह गए.
मृतक कोमल के परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही उसके साथ दहेज़ के लिए मारपीट और गाली- गलौज की जाती थी.इस दरमियान बेरमो महिला थाने में समझोता भी कराया गया और फिर ससुराल भेजा गया. लेकिन इसके बावजूद कोमल के साथ बदसलूकी,बदतमीजी और प्रताड़ना का दौर चलता रहा.ससुराल वाले छोटी -छोटी बात पर तंग , उलाहने और मारपीट करते थे.
अखिकार कोमल की जान लेकर ही ससुराल वालों ने दम लिया. पति राजेंद्र राम, सास और गोतनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
कोमल का अंतिम संस्कार बेरमो में दामोदर नदी के तट पर किया गया. कोमल की इस दर्दनाक मौत पर तरह -तरह के सवाल उठ रहे है कि क्या बेटियों को अभी भी दहेज़ के लिए इसी तरह तड़पा -तड़पा के मारा जायेगा. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ समेत तमाम जागरूकता भरे नारों का कोई असर नहीं होगा. क्या आज भी हमारा समाज इतना सबल नहीं बना है. जो दहेज़ के लिए किसी बेटी की जान लेने में नहीं हिचक रहा. सवाल यहीं है कि आखिर कब इस तरह बेटियों के आकाल मौत का सिलसिला थमेगा. सच यहीं है कि सूचना क्रन्ति का दौर आने के बावजूद मानसिकता तो नहीं बदली दिखाई पड़ती . आज भी हम सब इसमे पिछड़ते जा रहें है. जो खतरनाक हालात की तरफ इशारे करती है.
NEWSANP के लिए बेरमो से शिवपूजन सिंह की रिपोर्ट

