एक तरफ पिता की मौत और दूसरी तरफ उच्च माध्यमिक का एक्जाम दिल पर पत्थर रखकर राजश्री ने 88.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने स्कुल मे बनाया दूसरा स्थान…

एक तरफ पिता की मौत और दूसरी तरफ उच्च माध्यमिक का एक्जाम दिल पर पत्थर रखकर राजश्री ने 88.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने स्कुल मे बनाया दूसरा स्थान…

कुलटी(KULTI):सीबीएसई माध्यमिक और उच्च माध्यमिक 2025 के प्रकाशित हुए रिजल्ट ने एक्जाम मे पास हुए हर छात्र और छात्राओं के जीवन मे खुशियाँ बिखेर दी है साथ मे उनके आने वाले भविष्य मे भी कई नई उम्मीदें जगा दी हैं, ऐसी ही कुछ उम्मीदों को अपने मन मे संजोए रखने वाले कुलटी प्रियदर्शनी स्कुल के उच्च माध्यमिक के एक छात्र राजश्री दे ने 88.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने स्कुल का तो मान बढ़ाया ही है साथ मे अपने माता पिता का भी मान बढ़ाने का काम किया है, हालांकि जब स्कुल द्वारा स्कुल के सभी टॉपर छात्र और छात्राओं को स्कुल के सहायक सचिव राकेश तिवारी द्वारा आयोजित स्कुल मे सम्मान समारोह के दौरान सम्मानित किया जा रहा था तब स्कुल के तमाम टॉपर छात्र और छात्राओं के अभिभावक अपने -अपने बच्चों को लेकर स्कुल द्वारा सम्मान के तौर पर दीये जा रहे मोमेंटो ग्रहण कर रहे थे पर उस दौरान राजश्री अपनी माँ अपर्णा दे के साथ आकर स्कुल द्वारा दीये जा रहे सम्मान के तौर पर मोमेंटो ग्रहण करने के दौरान भाऊक हो गया साथ मे राजश्री की माँ भी अपने बेटे को देख भाऊक हो गई, दोनों के आँखों मे आंसू छलक गए वह इस लिये की उनके बिच राजश्री के पापा नही थे वह हमेशा -हमेशा के लिये इस दुनिया को अलविदा कर चुके थे, राजश्री की माँ अपर्णा दे ने कहा की राजश्री के पिता तपन दे बांकूड़ा जमीनी राय कॉलेज बेलियातोड़ मे थे वह शिक्षा जगत से जुड़े रहने के कारण अपने बेटे को भी उच्च शिक्षा देने का सपना देखकर रखे थे पर वह अपना सपना पूरा होता देख पाते वह उससे पहले ही दुनिया छोड़ गए, अपने पिता के उसी सपने को अपना मंजिल बनाकर राजश्री जी तोड़ मेहनत करता रहा, एक्जाम के समय ही अचानक से हुई पिता की मौत के बाद वह थोड़ा सा टूट गया पर राजश्री को अपने पिता का सपना भी पूरा करना था उसने हार नही मानी खुदको उस कठिन घड़ी मे संभाला और अपने आँखों मे पिता की यादें लिये एक्जाम देता रहा साथ मे अपनी माँ अपर्णा दे को भी हिम्मत देता रहा और आखिरकार उसने अपने पिता के सपने को पूरा किया हालांकि वह जिस तरह पढ़ाई मे मेहनत कर रहा था उसको उम्मीद थी की वह अपने स्कुल मे पहले स्थान पर जगह बनाकर स्कुल टॉपर होगा पर शायद किस्मत को यह मंजूर नही था राजश्री अपने स्कुल मे टॉपर की गिनती मे शामिल हुआ और दूसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई, राजश्री की अगर माने तो वह कंप्यूटर साइंस लेकर पढ़ना चाहता है और वह इंजिनियर बनना चाहता है, राजश्री ने कहा उसके पिता भी यही चाहते थे वह जब जीवित थे तब उन्होंने अपनी पत्नी के साथ -साथ परिवार के अन्य सदस्यों को बोल चुके थे की राजश्री जो पढ़ाई करे जो सब्जेक्ट लेकर पढ़ना चाहे वह उसको पढ़ाए चाहे जो हो जाए, राजश्री की माँ अपर्णा भी अपने पति तपन के सपने को साकार करने की कोसिस कर रही है और वह अपने बेटे को कंप्यूटर साइंस पढाकार इंजिनियर बनाना चाहती है और अपने पति ही नही अपने बेटे के सपने को पूरा करना चाहती है उनके जीवन का बस यही उदेश्य है.

NEWSANP के लिए आसनसोल से अतीक रहमान की रिपोर्ट

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