उषा मार्टिन की पहल: सतत कृषि पद्धति से सशक्तीकरण यात्रा…फूल से अजय को लाखों की आमदनी

उषा मार्टिन की पहल: सतत कृषि पद्धति से सशक्तीकरण यात्रा…फूल से अजय को लाखों की आमदनी


रांची। परिश्रम और पसीना से बंजरभूमि लहलहा सकता है। इस कहावत को राजधानी के पास स्थित महिलौंग के बड़कुम्भा के किसान अजय हुदवार ने चरितार्थ किया है। पहली बार में ही एक एकड़ भूमि पर शब्जी और फूल की खेती से पिछले दो माह में एक लाख से ज्यादा रुपये की कमाई की है। उषा मार्टिन फाॅउंडेशन की ओर से ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिक विधि एवं आधुनिक उपायों के माध्मय से खेती को रोजगार के वैकल्पिक माध्यम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आज बड़कुंभा के किसानों में एक जागरूकता आयी है, जिसका परिणाम है कि अजय के साथ शामिल बालमुचू और अन्य किसान भी इस सफलता को अपने टोला में जमीन पर उतार रहे है। खेती केवल पेट भरने का जरिया नहीं है, बल्कि यह खुशहाल जीवन जीने का माध्यम हो सकता है। अजय हुदवार कहते है कि खुशहाली देखकर अच्छा लगता है, बिक्री होती है तो संतोष होता है। 50 डिसमिल में सब्जी की खेती की। उषा मार्टिन के सहयोग से उन्नत बीज, पाॅलिनेट, टपक सिंचाई आदि की व्यवस्था करायी गयी। इससे पिछले दो माह में 70 हजार से अधिक शब्जी की बिक्री इुई। इसी प्रकार एक एकड़ जमीन पर गेंदा फूल की खेती से एक लाख से अधिक की कमाई हुई। इस पूरे कार्य में उनकी पत्नी पुष्पा हुदवार का सहयेाग रहता है। इस कमाई से उन्होंने एक बोलेरो गाड़ी खरीदी है। वह अपने लड़की को संत अन्न काॅलेज में हाॅस्टल में रखकर पढ़ाते है। बेटा आरा गेट स्थित कैंब्रिज स्कूल में पढ़ता है।
उषा मार्टिन के माध्यम से परिवर्तन
अपनी आजीविका को बेहतर बनाने की इच्छा से उन्होंने खेती का रुख किया। फाउंडेशन उषा मार्टिन फाउंडेशन ने उनके खेत में निःशुल्क मिट्टी परीक्षण की सुविधा प्रदान की। उन्होंने अपनी दो एकड़ जमीन पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की। सिंचाई के तरीकों में इस बदलाव ने खेती को अधिक प्रबंधनीय बना दिया और फसल की पैदावार में उल्लेखनीय सुधार हुआ। फाउंडेशन ने उन्हें मौसम के लिए निर्धारित बीज और पौधे उपलब्ध कराए और इस साल उन्हें सेम, करेला और भिंडी के बीज मुफ्त मिले हैं। इसके अतिरिक्त, वह वर्तमान में एक एकड़ भूमि पर गेंदे के फूलों की खेती कर रहे हैं और ग्राफ्टेड टमाटर भी लगाए हैं।


उषा मार्टिन फाउंडेशन के सहयोग ने उन्हें बेहतर जीवन जीने में सक्षम बनाया है। टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाकर और अपनी कृषि गतिविधियों में विविधता लाकर। इससे न केवल उनकी आजीविका में सुधार हुआ बल्कि उनके गांव के समग्र विकास में भी योगदान मिला। विविध कृषि गतिविधियों से बढ़ी हुई आय के साथ, वह अब अपने बच्चों को एक अच्छे निजी स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं, जिससे उनका उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित हो सके।
बुनियादी ढांचे का विकास और मछली पालन
फसल की खेती के अलावा, उषा मार्टिन फाउंडेशन ने एक कुएं का निर्माण करके उनके गांव के बुनियादी ढांचे में भी योगदान दिया है। इसके अतिरिक्त, वह मछली पालन भी कर रहे हैं, जिसका उपयोग उन्होंने अपने तालाब में किया है। उन्होंने अगले साल अप्रैल और मई के बीच मछली की कटाई और बिक्री करने की योजना बनाई है, जिससे उनके परिवार में आय का एक और स्रोत जुड़ जाएगा।

रांची से NEWS ANP के लिये अर्जुन की रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *