जामताड़ा(JAMTADA):उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में आज जिला पर्यावरण समिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें उन्होंने नगर क्षेत्र की स्वच्छता, प्लास्टिक उपयोग पर रोक, मेडिकल व ई-वेस्ट प्रबंधन तथा साइलेंस ज़ोन नियमों पर सख्त निर्देश दिए।
इस बैठक में वर्णित बिन्दुओं पर “नगर निकाय मात्र दस प्रतिशत का भी ईमानदारी से पालन कर ले, तो जामताड़ा ‘हरित स्वर्ग’ बन जाएगा।”
दरअसल डीसी जामताड़ा के यहां उक्त बैठक के ठोस अनुपालन का कोई मेकेनिज्म जिला गठन के 26 वर्षों बाद भी नहीं बना है। जिसका परिणाम बैठक ईटिंग-सिटिंग के कवच से बाहर नहीं निकल पाया है।
यहां का विडंबना यह है कि उपायुक्त आवास से लेकर एसपी आवास तक शहर का कचड़ा मर्यादा की लक्ष्मण रेखा लांघते हुए खुले में चीरहरण कर रहा है। रामायण की यह स्थिति याद दिलाती है —
“जिन्ह कें प्रिय नहिं राम वैदेही, तजिए ताहि कोटि बैरी सम देही।”
अर्थात् जो व्यवस्था अपने ही ‘धर्म’ — यानी ‘कर्तव्य’ — से विमुख हो, वह कल्याण नहीं, कलंक का कारण बनती है।
बैठक में उपायुक्त ने नगर क्षेत्र के सड़कों, गलियों की सफाई, मांस-मछली दुकानों को पर्दे से ढककर बिक्री करने, ठोस कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कचरा संकलन, बायोमेडिकल वेस्ट की निगरानी और ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर स्टडी रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक व जुर्माना वसूली को सख्ती से लागू किया जाए, साथ ही “नो हॉर्न/साइलेंस ज़ोन” नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार ने मिशन लाइफ़ के तहत पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता, उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
“कहने को तो सफाई पर फतवा जारी है, पर गली-गली में गंदगी की बारात अब भी निकली जा रही है!”
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

