देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि देश में और बाहर कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं। देश को खंडित करने का, देश को विभाजित करने का, देश की संस्थाओं को अपमानित करने का, सुनियोजित तरीके से एक कृत्य हो रहा है। हमें एकजुट होकर हर राष्ट्र-विरोधी कहानी को बेअसर करना होगा। भारतीयता हमारी पहचान है और हम राष्ट्रवाद से कभी समझौता नहीं कर सकते।उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश के हर व्यक्ति की समृद्धि तभी संभव है, जब हमारी सोच कुटीर उद्योग, ग्रामीण उद्योग और लघु उद्योग पर जाए।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, कौशल मनुष्य को तपस्वी बनाता है और हौसले के साथ एक आत्म सम्मान भी देता है! समाज में संतुलन की आवश्यकता है! हमारे अधिकार हैं, पर अधिकारों के साथ-साथ हमें कर्तव्य बोध भी होना चाहिये।
NEWS ANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

