धनबाद(DHANBAD): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड द्वारा आयोजित सामुदायिक भवन में आयोजित उपभोक्ता बैठक में धनबाद स्थित स्थानीय हार्डकोक इकाइयों को वाशरी ग्रेड 1/2/3 कोकिंग कोयला की आपूर्ति का विशेष प्रबंध करने की माँग रखी और ज्ञापन दिया
कोलीयरी राष्ट्रीयकरण के दौरान सरकार ने कोकिंग कोयले के दुरुपयोग को रोकने एवं इसे राष्ट्रीय हित में विशेष रूप से स्टील उद्योग के लिए कोक उत्पादन में उपयोग करने वाली इकाइयों तक सीमित करने का निर्णय लिया था। इसी के अनुरूप कोल इंडिया ने स्थानीय हार्ड कोक उत्पादन इकाइयों को लिंकेज प्रदान किया था।
सर्वोच्च न्यायालय के अशोका स्मोकलेस बनाम कोल इंडिया लिमिटेड मामले में 2007 के आदेश के पश्चात् भी कोल इंडिया ने धनबाद स्थित सभी इकाइयों को फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (FSA) योजना के माध्यम से कोयला आपूर्ति जारी रखी। किन्तु बीसीसीएल ने वर्ष 2019 से यह आपूर्ति बंद कर दी। जिससे यह उद्योग उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं तथा लगभग 1 लाख लोगों की बेरोजगारी हो गई है।
आग्रह है कि धनबाद स्थित हार्ड कोक इकाइयों के लिए कम से कम FSA लिंकेज पुनः प्रारंभ करने का कष्ट करें। उपरोक्त ग्रेड कोयला की इस क्षेत्र के हार्डकोक इकाइयों में वार्षिक आवश्यकता 3.6 मिलियन टन है।
SAIL एवं टाटा स्टील के बाद ये स्थानीय MSME हार्ड कोक इकाइयां बीसीसीएल की सबसे पुरानी उपभोक्ता हैं। यह हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘मेक इन इंडिया’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अंतर्गत MSME विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप भी है।
इस विषय में दुर्गापुर की इकाई को विशेष प्रावधान के तहत कोयला दिया जा रहा है और यहां की इकाइयां कोयले के अभाव में दम तोड़ रही हैं, इस पर गंभीरता से विचार किया जाय। बीसीसीएल के वर्तमान सीएमडी मनोज अग्रवाल जी से इस संदर्भ में काफी उम्मीदें है। इस क्षेत्र के उद्योग को जीवनदान मिलेगा और इस क्षेत्र में रोजगार के साथ साथ क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

