धनबाद(NIRSA): चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ का आज मंगलवार को उदयाचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही समापन हो गया। छठ व्रतियों ने सुबह की पहली किरणों में नदी-तालाबों के घाटों पर घंटों खड़े होकर दूध, जल और फलों से सूर्य देव को नमन किया, जिसके बाद 36 घंटे से चला आ रहा निर्जला उपवास तोड़ा गया।आम से लेकर खास सभी लोगों ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिए हलकी आज प्रातः आसमान में बादल होने के कार सूर्य निर्धारित समय से करीब आधे घंटे विलम्भ से उदय हुऐ आसमान में सूर्य कि पहली किरण पड़ते हैं सभी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिए।उसके बाद व्रतियों ने शरबत का सेवन किया जो इस कठिन तप के समापन की परंपरा का प्रतीक है। छठ व्रत को अत्यंत कठिन तप माना जाता है, जिसमें शुद्धता, संयम और भक्ति का अनुपम संगम होता है। छठ व्रति 36 घंटे तक निर्जला उपवास को आज तोड़ने के साथ अन्न ग्रहण करती हैं। मैथन डीवीसी प्रयोजना प्रमुख सुमन प्रसाद सिंह ने भी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिए और कहा कि यह पवित्रता का पर्व है यह पर्व शांति का संदेश देता हैं।वही निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने समस्त निरसा वाशियो को बधाई देते हुए कहा कि छठी मइया के कामना करूंगा कि हमारे विधानसभा क्षेत्र के सभी लोगों में सुख समृद्धि कायम हो यहीं कामना करता हूँ।व्रतधारी पूजा जयसवाल ने कहा कि आज 36 घंटे की कठिन व्रत छठ उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समापन हो गया मैं अपने परिवार के साथ साथ सभी लोगों के लिए मंगल कामना करती हूँ।
NEWSANP के लिए संतोष की रिपोर्ट

