यूपी(UP): लू के थपेड़े हों या आसमान से बरसती आग, मगर इस बार यूपी के परिषदीय स्कूल विरान नहीं होंगे। नन्हें-मुन्नों की किलकारियां गूंजेंगी, उनके हाथों में किताबें होंगी, खेलों की धूम होगी और उनकी मासूम आंखों में सपने होंगे। CM योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि के चलते इस बार गर्मियों की छुट्टियों में स्कूल सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि ज्ञान, कला और संस्कार का मंदिर बनेंगे। 20 मई से 15 जून के बीच समर कैंपों की बहार आयेगी। इन कैंपों में किताबों से आगे बढ़कर ज़िंदगी के हुनर सिखाये जायेंगे—कभी योग से तन-मन को शांत करने की कला, कभी खेलकूद से टीम वर्क और नेतृत्व की समझ, तो कभी विज्ञान के छोटे-छोटे प्रयोगों से बच्चों की जिज्ञासा को नई उड़ान मिलेगी। और हां, पोषण का भी खास ख्याल रखा जायेगा—गुड़-चना, बाजरे के लड्डू और रामदाना जैसी पारंपरिक मिठास से बच्चों की सेहत भी संवर जायेगी।अब तक ये नजारा सिर्फ निजी स्कूलों तक सीमित था, लेकिन अब गांव-देहात के स्कूलों में भी वही रंगत होगी। और दूसरी ओर, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिये भी सरकार ने नरम दिल दिखाया है। ईद का त्योहार करीब है, और मांग की गई है कि वेतन समय से पहले मिल जाये, ताकि खुशियों में कोई कमी न रहे। वहीं, 31 मार्च को बोर्ड मूल्यांकन कार्य रोकने की भी मांग की गई है, ताकि हर कोई अपने त्योहार को सुकून से मना सके।
NEWSANP के लिए यूपी से ब्यूरो रिपोर्ट

