झारखंड(JHARKHAND): झारखंड में मानसून अब कहर बनकर बरसने को तैयार है। बंगाल की खाड़ी से उठा दबाव का क्षेत्र झारखंड की धरती से टकरा चुका है और इसका असर साफ दिखने लगा है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को पांच जिलों लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। आने वाले 3-4 रोज में झारखंड में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना है।
कहां से उठा मानसून का ज़ोर?
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश-पश्चिम बंगाल तटीय इलाके से उठा दबाव का क्षेत्र 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ते हुये 26 जुलाई की सुबह 5:30 बजे रांची से लगभग 20 किमी उत्तर-पश्चिम और जमशेदपुर से 120 किमी दूर सक्रिय हो गया है। अगले दो दिन यह सिस्टम झारखंड से सटे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और पूर्वी उत्तरप्रदेश की ओर बढ़ेगा।
आगे क्या होगा?
27-28 जुलाई को बारिश की तीव्रता घटेगी, लेकिन गर्जन-चमक और बिजली गिरने की संभावना के मद्देनज़र येलो अलर्ट जारी किया गया है। 29-30 जुलाई को भी रांची, गुमला, खूंटी सहित कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
झारखंड में अब तक 52% ज्यादा बरसात
1 जून से 25 जुलाई तक झारखंड में 676.3 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत 444.3 मिमी है। यानी 52% अधिक बारिश। पूर्वी सिंहभूम में सबसे ज्यादा 1057.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं देवघर, पाकुड़ और गोड्डा ही ऐसे जिले हैं जहां अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
NEWSANP के लिए झारखंड से ब्यूरो रिपोर्ट

