धनबाद(NIRSA): एनडीए सीट से कोयलांचल धनबाद जिला के निरसा विधानसभा से पुराने चेहरे पर एक बार फिर भाजपा ने दाव खेला हैं. 2019 के निरसा से भाजपा विधायक रही अपर्णा सेनगुप्ता को दुबारा टिकट मिला हैं वहीं इंडिया गठबंधन में निरसा विधानसभा को लेकर अब तक टिकट का पेच फंसा हुआ हैं एक ओर झामुमो तो दूसरी और सीपीईएमएल माले नेता ने भी निरसा सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे है पिछले चुनाव 2019 के विधानसभा चुनाव के आंकड़े को देखे तो मौजूदा भाजपा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता को 89082 मत मिले थे और झामुमो, मासस निरसा विधानसभा में दोस्ताना संबंध में लड़े थे.
जिसमें मासस के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी को 63624 मत और झामुमो के अशोक मंडल को 47168 मत मिले थे, हलकी मासस के अरूप चटर्जी माले में विलय हो चुके हैं और राज्य में माले इंडिया गठबंधन के हिस्सा हैं जिसके कारण निरसा सीट में पेच फंसा हुआ हैं,पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने यह साफ कर दिया हैं कि 2024 के चुनाव में अगर गठबंधन होती हैं तो ठीक हैं अन्यथा वह माले के सीट पर निरसा से चुनाव हर हाल में लड़ेगे,वही झामुमो के नेता अशोक मंडल ने साफ शब्दों में कहा हैं कि निरसा सीट के लिए गठबंधन की सवाल ही नहीं उठता हैं जिस पार्टी को पिछले चुनाव में लगभग 50000 मत मिले हैं वह गठबंध नहीं करेगी हर हाल में निरसा में झामुमो चुनाव लड़ेगी। अगर पिछले चुनाव की तरह माले और झामुमो चुनावी मैदान में कूदते हैं तो भाजपा को सीधा-सीधा लाभ मिलना तय माना जा रहा हैं..
इधर सभी नेता जनसंपर्क अभियान तेज कर दी जगह-जगह पहुंचकर नुक्कड़ सभाएं भी कर रहे हैं संभवत यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि जल्दी इंडिया गठबंधन का घोषणा हो जाएगी अब देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि किसकी दावो में सच्चाई है और इंडिया गठबंधन की ओर से निरसा में कौन प्रत्याशी बनाया जाएगा।
NEWSANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट
