आत्मनिर्भर भारत की राह पर भाजपा , चाणक्य नीति का लिया सहारा: “अपने बल पर पार्टी भरेगी उड़ान ”…

आत्मनिर्भर भारत की राह पर भाजपा , चाणक्य नीति का लिया सहारा: “अपने बल पर पार्टी भरेगी उड़ान ”…

जामताड़ा(JAMTADA):मिहिजाम नगर भाजपा कार्यालय में युवा मोर्चा के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम” का आयोजन हुआ। जहां वक्ताओं ने सशक्त भारत बनेगा का सपना देखा है। सभी ने अपने बल पर उड़ान भरने का संकल्प लिया।” कार्यक्रम की पूरी अवधारणा भाजपा की चाणक्य नीति की उस सीख से जुड़ी दिखी, जिसमें कहा गया है — “स्वयं के सामर्थ्य से राष्ट्र की रक्षा ही सच्ची नीति है।”

कार्यक्रम के प्रभारी युवा मोर्चा जिला महामंत्री चंदन राउत ने आत्मनिर्भर भारत की भावना को राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक पुनर्निर्माण का सूत्र बताया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक सरकारी अभियान नहीं। बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं को इतना सक्षम बनाए कि देश की रीढ़ को मजबूत कर सके।” राउत ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने कौशल को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाएं।

उन्होंने कहा — “हममें से हर व्यक्ति अगर आत्मनिर्भर बने तो परिवार, समाज और अंततः पूरा राष्ट्र सशक्त हो जाएगा। आत्मनिर्भरता का अर्थ केवल आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि मानसिक स्वतंत्रता भी है।”

कार्यक्रम में भाजपा के सुरेश ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही संसाधनों से समृद्ध राष्ट्र रहा है। “हम वह देश हैं। जिसने अपने बल पर दुनिया को ज्ञान, संस्कृति और नवाचार का मार्ग दिखाया। आज फिर वही समय है जब हमें ‘स्वदेशी ही स्वाभिमान’ के सूत्र पर आगे बढ़ना होगा,” उन्होंने कहा। सुरेश ने यह भी जोड़ा कि भारत की मिट्टी में वह शक्ति है जो बिना बाहरी सहयोग के अपने संसाधनों से राष्ट्र निर्माण कर सकती है — “बस जरूरत है आत्मविश्वास की और दिशा देने वाली नीति की। जो भाजपा की चाणक्यनीति की मूल आत्मा है।”

नगर परिषद अध्यक्ष कमल गुप्ता ने कार्यक्रम को जन-आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ है — “हर क्षेत्र में खुद पर भरोसा करना।” उन्होंने कहा, “जब हम अपने देश में बनी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तब ‘वोकल फॉर लोकल’ की नीति साकार होगी। इससे न केवल उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि युवाओं को रोजगार और गरीबों को सम्मानजनक जीवन का अवसर मिलेगा।”

भाजपा नेत्री रीता शर्मा ने आत्मनिर्भरता को व्यक्ति की आंतरिक शक्ति से जोड़ा। उन्होंने कहा — “आत्मनिर्भरता आत्मविश्वास का दूसरा नाम है। जब व्यक्ति दूसरों पर निर्भर रहना छोड़ देता है, तभी वह किसी भी संकट का सामना करने में सक्षम बनता है। यह नीति आज के भारत के लिए सबसे उपयुक्त है, क्योंकि हमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए अपनी क्षमता पर भरोसा करना होगा।”

कार्यक्रम में वोकल फॉर लोकल” की भावना को बढ़ावा देते हुए स्थानीय कुटीर उद्योग व्यवसायियों — कृष्ण पाल, अनिल टुडू, रमेश शर्मा, आलोक मिस्त्री और अमित मंडल — को सम्मानित किया गया। इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों से उद्योग खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत की राह पर मिसाल पेश की है।

मंच संचालन के दौरान युवाओं ने आत्मनिर्भर भारत – स्वाभिमान का अभियान’ का नारा लगाया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभावना से गूंज उठा।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शुभम साहू, दीपक शर्मा, परिचय मंडल, अर्चना गुप्ता, नियति सिंह, ओमप्रकाश साहू, मिलन विश्वास, शुभम बर्मन, राजवीर पटेल और अरुण यादव उपस्थित थे।

भाजपा का यह कार्यक्रम न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम था। बल्कि यह चाणक्य की उस नीति का पुनर्पाठ भी रहा जिसमें कहा गया है —

“राष्ट्र वही दीर्घायु होता है, जो अपने जनबल और कर्मबल पर भरोसा रखता है।”

इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत का सपना किसी एक व्यक्ति या दल का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक का है जो अपनी मिट्टी से सोना पैदा करने की कुबत रखता है*।”

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

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