दिल्ली(DELHI) :पंचांग अनुसार, 13 अप्रैल से वैशाख माह की शुरुआत होगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, 13 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 52 मिनट से वैशाख कृष्ण पक्ष यानी प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो रहा है। सिख समुदाय में बैसाखी का त्योहार खास महत्व रखता है। नववर्ष के रूप में ये त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। बैसाखी के दिन सिख धर्म के लोग पारंपरिक तरीके से वस्त्र पहनते हैं और भांगड़ा करते हैं। इसके साथ ही घी व आटे से बने प्रसाद का सेवन करते हैं। यह रबी की फसल के पकने की खुशी का प्रतीक है। बैसाखी वाले दिन से ही वसंत ऋतु का आगमन माना जाता है और सिख लोग इसे नववर्ष के तौर पर भी मनाते हैं।पंडित प्रभात मिश्र के अनुसार, 13 अप्रैल को वैशाखी मनाई जाएगी। सिख समुदाय के द्वारा रविवार को 326वां वैशाखी पर्व हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
बैसाखी का महत्व
मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन सन् 1699 में सिख के दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। धर्म की रक्षा करना और समाज की भलाई करने के लिए खालसा पंथ की स्थापना की गई थी। इस कारण बैसाखी का खास महत्व है। तभी से प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह में वैशाखी पर्व को मनाने की परंपरा शुरू हुई। हर साल यह त्योहार उत्तर भारत सहित पंजाब, हरियाणा व दिल्ली सहित अन्य कई जगहों में 14 या 15 अप्रैल को मनाया जाता है। नई फसल आ जाने की खुशी में विशेषकर सिख समुदाय इसे धूमधाम से मनाते हैं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

