DESK: आज चैती छठ महापर्व का तीसरा दिन है, जिसे संध्या अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रती पूरे विधि-विधान के साथ डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं और छठी मइया से सुख-समृद्धि, संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
संध्या अर्घ्य का समय:
आज सूर्यास्त के समय, लगभग शाम 5:50 बजे से 6:15 बजे के बीच (स्थान के अनुसार) अर्घ्य दिया जाएगा।
पूजा के नियम:
व्रती दिनभर निर्जला व्रत रखते हैं.
नदी, तालाब या घाट पर जाकर पूजा की जाती है.
बांस के सूप में ठेकुआ, फल, नारियल और अन्य प्रसाद सजाया जाता है.
जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.
छठी मइया के गीत गाए जाते हैं और पूरी श्रद्धा से पूजा की जाती है.
यह दिन आस्था, तपस्या और सूर्य उपासना का विशेष महत्व रखता है।
छठी मइया से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
छठी मइया सब पर अपनी कृपा बनाए रखें ..
NEWSANP के लिए रागिनी पांडेय की रिपोर्ट

