आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में “ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा” पर छह दिवसीय कोर्स शुरू…

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में “ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा” पर छह दिवसीय कोर्स शुरू…

धनबाद(DHANBAD):आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आज से “ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा के जरिए साइबर हमलों की रोकथाम” पर आधारित एक छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। यह कोर्स मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (MMTTP) के तहत आयोजित किया जा रहा है और 7 जुलाई से 12 जुलाई 2025 तक चलेगा।

इस कोर्स का मकसद शिक्षकों, शोधकर्ताओं और प्रोफेशनल्स को ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा जैसी नई तकनीकों की जानकारी देना है, ताकि वे डिजिटल दुनिया को ज्यादा सुरक्षित बना सकें।

ब्लॉकचेन तकनीक एक ऐसी प्रणाली है जिसमें जानकारी एक बार दर्ज होने के बाद बदली नहीं जा सकती। यह तकनीक आजकल पैसों के लेन-देन और जरूरी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए बहुत भरोसेमंद मानी जाती है।

वहीं साइबर सुरक्षा का मतलब है हमारे डिजिटल डेटा को हैकिंग और अनचाही पहुंच से बचाना। इसके लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं, जैसे कि कोडिंग (क्रिप्टोग्राफी) और पब्लिक की सिस्टम, जिससे सिर्फ सही व्यक्ति ही उस जानकारी को देख सके।

इस कोर्स में विशेषज्ञों के लेक्चर के साथ-साथ हाथों-हाथ अभ्यास (प्रैक्टिकल सेशन) भी कराए जाएंगे, ताकि प्रतिभागी तकनीक को ठीक से समझ सकें और उसका इस्तेमाल करना सीख सकें।

उद्घाटन समारोह में संस्थान के कई वरिष्ठ प्रोफेसर मौजूद रहे, जिनमें प्रो. धीरज कुमार (उप-निदेशक), प्रो. मृणालिनी पांडेय (MMTTP की संयोजक), प्रो. प्रथो पार्टिम रॉय (सीएसई-सीडी विभागाध्यक्ष), प्रो. निखिल त्रिपाठी, और प्रो. अरूप कुमार पाल (कोर्स समन्वयक) शामिल थे।

अपने भाषण में प्रो. अरूप कुमार पाल ने कहा कि, “आज के डिजिटल समय में साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन तकनीक की बहुत ज़रूरत है। इनसे हम अपने सिस्टम और जरूरी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं।”

इस कोर्स में देशभर से 111 प्रतिभागियों ने भाग लिया है। अगले कुछ दिनों में ये सभी प्रतिभागी भारत और विदेश के विशेषज्ञों से सीखेंगे कि कैसे ये तकनीकें काम करती हैं और इन्हें कैसे अपने काम में इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह प्रशिक्षण उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो डिजिटल दुनिया को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना चाहते हैं।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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