
धनबाद(DHANBAD):आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी समारोह और मिशन लाइफ कीनोट लेक्चर सीरीज [2025-26] के तहत आज पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग (ईएसई) के सेमिनार हॉल में ईआईएसीपी प्रोग्राम सेंटर (आरपी) की ओर से एक व्याख्यान और संवाद सत्र आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में श्री शरथ कुमार पल्लेरला – साइंटिस्ट-जी/आईपीसीसी फोकल प्वाइंट, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पूर्व छात्र ने “इंडिया’स लॉन्ग टर्म लो-इमीशन डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी (एलटी-एलईडीएस) – नेट जीरो 2070” विषय पर व्याख्यान दिया।
सत्र की शुरुआत में प्रो. मनीष कुमार जैन ने स्वागत भाषण दिया और जलवायु नीतियों के निर्माण में मंत्रालय की भूमिका को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में पल्लेरला ने जलवायु परिवर्तन की बुनियादी जानकारी, उसके प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय समझौतों (यूएनएफसीसीसी, पेरिस एग्रीमेंट) पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की दीर्घकालिक रणनीति, ऊर्जा परिवर्तन, सतत शहरी योजना, नेचर-बेस्ड सॉल्यूशन, वित्त, तकनीक और क्षमता निर्माण की अहमियत पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने जलवायु रेजिलिएंस, कार्बन रिमूवल और ग्रीन इनोवेशन में शोध की संभावनाओं को भी बताया।
अंत में प्रो. आलोक सिन्हा, विभागाध्यक्ष (ईएसई) ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और पल्लेरला को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद समाज, नीति-निर्माताओं और शिक्षाविदों को जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रेरणा देते हैं।
इस कार्यक्रम में लगभग 70 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया जिनमें शिक्षक, शोधार्थी और छात्र शामिल थे। सभी ने भारत के नेट जीरो 2070 लक्ष्य की दिशा में अनुसंधान, नवाचार और सामुदायिक भागीदारी से योगदान करने की इच्छा जताई।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. सुकुमार मिश्रा (निदेशक, आईआईटी आईएसएम), प्रो. धीरज कुमार (उप-निदेशक) के सहयोग और प्रो. आलोक सिन्हा, प्रो. मनीष कुमार जैन और प्रो. सुरेश पांडियन ई. के मार्गदर्शन में किया गया। समन्वय श्री बिश्वजीत दास, प्रोग्राम ऑफिसर (ईआईएसीपी-आरपी), आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने किया।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

