सिंदरी(SINDRI):बोकारो में विस्थापित अप्रेंटिस आंदोलनकारियों पर हुए नृशंस लाठीचार्ज और एक आंदोलनकारी की मौत पर सीआईएसएफ कर्मी और बी एस एल प्रबंधन की तीव्र भर्त्सना करते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)के सिंदरी बलियापुर लोकल कमिटी सचिव विकास कुमार ठाकुर ने बयान जारी करते हुए कहा कि अपनी जायज़ मांगो को लेकर शान्तिपूर्ण ढंग से बीएसएल के प्रशासनिक भवन के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे विस्थापित अप्रेंटिस संघ के आंदोलनकारियों पर जो हैवानियत की नंगा नाच की गई, पार्टी इसकी भर्त्सना करती है। प्रदर्शनकारियों को इतने बुरे तरीके से पीटा गया कि एक नौजवान आंदोलनकारी प्रेम कुमार महतो की मौत हो गई और कई प्रदर्शनकारियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई है।
अपनी जायज़ मांगों को लेकर आंदोलन करना क्या गुनाह हो गया है ? कंपनी प्रबंधन आंदोलनकारियों से बात करने के बजाय आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर लाठी से प्रहार कर क्या उचित कदम उठाई ?किस बर्बरता के साथ लाठी चार्ज किया गया, यह वीडियो में देखा जा सकता है।विस्थापित अप्रेंटिस आंदोलनकारियों पर प्रबंधन का इतना आक्रोश क्यों है ? इसका जवाब प्रबंधन को देना होगा।
घायल प्रदर्शनकारियों को बेहतर इलाज के लिए 10 -10 लाख रुपया मुआवजा तथा मृतक के परिजनों को कम्पनी में नियोजन व एक करोड़ रुपया मुआवजा की गारंटी की जाए।सभी विस्थापित अप्रेंटिस को 30 दिनों के अन्दर नियोजन दिया जाए। साथ ही ऐसे निन्दनीय घटना को अंजाम देने वाले बीएसएल के मुख्य प्रबन्धक समेत लाठीचार्ज में शामिल सभी सीआईएसएफ कर्मी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
NEWSANP के लिए सिंदरी से भोला बाउरी की रिपोर्ट

