अलास्का की बैठक फेल हुई तो भारत भुगतेगा… ट्रंप और पुतिन की मुलाकात से पहले अमेरिका ने दिल्ली को दी गीदड़भभकी…

अलास्का की बैठक फेल हुई तो भारत भुगतेगा… ट्रंप और पुतिन की मुलाकात से पहले अमेरिका ने दिल्ली को दी गीदड़भभकी…

वॉशिंगटन: अमेरिका ने एक बार फिर भारत को टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है। अमेरिका ने कहा है कि अगर यूक्रेन में युद्धविराम पर डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सहमति नहीं बनती है तो हम भारत पर शुल्क बढ़ा देंगे। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर सेकेंडरी टैरिफ बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि टैरिफ पर फैसला शुक्रवार को अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच होने वाली बैठक के नतीजों पर निर्भर करेगा।

बेसेंट ने ब्लूमबर्ग टीवी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘हमने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर सेंकेडरी टैरिफ लगाया है। मुझे लगता है कि अगर हालात ठीक नहीं रहे तो प्रतिबंध या टैरिफ और ज्यादा बढ़ सकते हैं।’ डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। अमेरिका का कहना है कि भारत पर टैरिफ लगाने से रूसी अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और पुतिन पर दबाव बढ़ेगा।

शुक्रवार को होगी बैठक
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार, 15 अगस्त को बैठक होनी है। इससे यूक्रेन में तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध के रुकने की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप और पुतिन की अलास्का में होने वाली अहम बैठक पर दुनिया की नजर है। हालांकि अमेरिकी नेताओं की ओर से अलग-अलग बयान भी आ रहे हैं।

एक्सपर्ट का मानना है कि अलास्का में पुतिन के साथ अपनी मुलाकात से पहले ट्रंप यूक्रेन में युद्धविराम के लिए रूस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने पहले कहा था कि रूस यूक्रेन में युद्धविराम के लिए सहमत नहीं हुआ तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अब उनके वित्त मंत्री ने भारत को धमकाने की कोशिश की है।

क्या पुतिन का दावा मानेंगे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि पुतिन से आमने-सामने मुलाकात के बाद भी वह शायद उन्हें यूक्रेन में सीजफायर के लिए राजी ना कर पाएं। ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के बीच जमीन की अदला-बदली का जिक्र किया है। माना जा रहा है कि पुतिन की मांग के मानते हुए ट्रंप यूक्रेन के बड़े हिस्से पर रूस का दावा मान सकते हैं। इसको लेकर यूरोप और यूक्रेन के नेताओं में एक बेचैनी भी देखी जा रही है।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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