अब ट्रेनें होंगी पहले से ज्यादा सुरक्षित, शुरू हुआ कवच v4.0 सिस्टम…

अब ट्रेनें होंगी पहले से ज्यादा सुरक्षित, शुरू हुआ कवच v4.0 सिस्टम…

DESK: पश्चिम रेलवे के मुंबई डिविजन ने विरार से सूरत तक के 206 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर भारत में विकसित स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच v4.0 को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के बाद इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं मजबूत हो गई है।

इस मौके पर ट्रेन संख्या 20907 सायाजी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर कवच सिस्टम की औपचारिक शुरुआत की गई।

मुंबई वडोदरा रूट पर यात्रियों को मिली बड़ी राहत
विरार से सूरत तक का यह सेक्शन मुंबई वडोदरा रेल रूट का अहम हिस्सा है। पश्चिम रेलवे के अनुसार, कवच v4.0 के लागू होने से अब इस रूट पर ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित और नियंत्रित हो सकेगा। यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।

क्या है कवच v4.0 ट्रेन सुरक्षा प्रणाली
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कवच भारत में विकसित एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की आपस में टक्कर, सिग्नल तोड़ने की स्थिति और लोको पायलट से होने वाली मानवीय भूल से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है।

अगर किसी कारण से लोको पायलट से चूक हो जाती है और ट्रेन खतरे की स्थिति में पहुंचती है, तो कवच सिस्टम खुद ही ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक देता है।

विरार सूरत सेक्शन में कितना एरिया कवर किया गया
विरार से सूरत तक लगाए गए कवच सिस्टम के तहत कुल 28 स्टेशन और 28 ब्लॉक सेक्शन को कवर किया गया है। इसके अलावा 33 स्थानों पर एस कवच उपकरण लगाए गए हैं, जो सीधे सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े रहते हैं।

रेल संचालन को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए 64 आरआईयू यूनिट्स ऑटो हट्स और ऑपरेटिंग सेंटर्स में स्थापित की गई हैं।

कवच प्रोजेक्ट के लिए तैयार किया गया बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर
इस परियोजना के लिए पश्चिम रेलवे ने बड़े स्तर पर तकनीकी और संचार ढांचा तैयार किया है। इसके तहत 40 मीटर ऊंचाई वाले 33 टावर लगाए गए हैं।

साथ ही 412 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल दो अलग अलग मार्गों में बिछाई गई है, ताकि किसी भी स्थिति में संचार व्यवस्था बाधित न हो।

ट्रायल और सुरक्षा ऑडिट के बाद मिली मंजूरी
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा किया गया। मई 2025 में लोको ट्रायल पूरे किए गए। इसके बाद अक्टूबर 2025 में स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट कराया गया।

जनवरी 2026 में ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद पीसीएसटीई से मंजूरी मिली और इसके बाद कवच v4.0 सिस्टम को आधिकारिक रूप से कमीशन कर दिया गया।

विरार से वडोदरा तक लगाया जाएगा कवच सिस्टम
विरार से सूरत तक का यह सेक्शन पश्चिम रेलवे के बड़े मिशन का हिस्सा है। इसके तहत विरार से वडोदरा तक कुल 344 किलोमीटर लंबे रूट पर कवच सिस्टम लगाया जा रहा है।

रेलवे का कहना है कि इस पूरे रूट पर कवच लागू होने के बाद ट्रेन संचालन ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और व्यवस्थित हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में यह एक अहम कदम है।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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