बेंगलुरु(BENGALURU): साॅफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। अपनी पत्नी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कठोर कदम उठाया। आत्महत्या से पहले अतुल ने एक सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक पीड़ा और कुछ गंभीर आरोपों का खुलासा किया।इन आरोपों ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।जांच में पता चला है कि जज रीता कौशिक ने एक बार अतुल से यह कहते हुए तंज कसा था, “अगर पैसे नहीं हैं तो अपनी जान दे दो।” यह बयान अब उनके लिए मुसीबत बन गया है। जज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है, और संभावना है कि वह जल्द ही गिरफ्तार हो सकती हैं..
यह घटना अब एक बड़ी बहस का मुद्दा बन चुकी है, जहां न्यायपालिका और समाज पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।यह मामला न केवल एक व्यक्ति के संघर्ष को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि मानसिक और पारिवारिक उत्पीड़न कितना गंभीर मुद्दा है। अतुल जैसे कई लोग हर दिन इस दबाव का सामना करते हुए अपनी जान गंवाते हैं। यह घटना समाज और न्याय व्यवस्था को आत्मचिंतन करने का मौका देती है कि कैसे ऐसे मामलों को समय पर रोका जा सके और पीड़ितों को न्याय दिया जा सके..
NEWSANP के लिए बेंगलुरु से ब्यूरो रिपोर्ट

