अंबेडकर साहब का भारत अमित भाई के साथ है’, मांझी ने कांग्रेस पर साधा निशाना…

अंबेडकर साहब का भारत अमित भाई के साथ है’, मांझी ने कांग्रेस पर साधा निशाना…

नई दिल्ली(NEW DELHI): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत जारी है. इस मुद्दे पर मोदी कैबिनेट में मंत्री और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है.अमीत शाह: जीतन राम मांझी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि बाबा साहेब को आपने चुनाव हरवाकर सदन से बाहर करवा दिया. अपने परिवार में तो आपने भारत रत्न की झड़ी लगा दी पर बाबा साहब को भारत रत्न मानने से इंकार कर दिया और आज जब हमारी सरकार ने बाबा साहेब को सम्मान दिया तो वह भी आपको नहीं पच रहा है? अंबेडकर साहब का भारत अमित भाई के साथ है. दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को लेकर दिए बयान पर भारी बवाल मचा हुआ है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अंबेडकर पूरे देश के लिए पूजनीय हैं, लेकिन पीएम मोदी ने गृह मंत्री का बचाव किया. अमित शाह को मंत्री पद से हटाना चाहिए. इसी मुद्दे पर हम पार्टी के मुखिया जीतन राम मांझी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है.अमित शाह बोले- कांग्रेस ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर मेरे बयान को किया पेशकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर मेरे बयान को रखने का प्रयास किया.

संसद में संविधान पर चर्चा हुई, लेकिन कांग्रेस ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखा. कांग्रेस आरक्षण विरोधी, अंबेडकर विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी है. कांग्रेस ने शहीदों और सेना का भी अपमान किया. कांग्रेस ने वीर सावरकर का भी अपमान किया. आपातकाल लगाकर उन्होंने सभी संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया.’अमित शाह ने आगे कहा, ‘ये तो स्वाभाविक है कि जब लोकसभा और राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष होते हैं, तो हर मुद्दे पर लोगों का, दलों का और वक्ताओं का नजरिया अलग-अलग होता है. मगर संसद जैसे देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक फोरम में जब चर्चा होती है, तब इसमें एक बात कॉमन होती है कि बात तथ्य और सत्य के आधार पर होनी चाहिए. संसदीय चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि कांग्रेस डॉ. बी.आर.

अंबेडकर के खिलाफ थी. उनके निधन के बाद कांग्रेस ने उन्हें हाशिए पर धकेलने की कोशिश की. जब संविधान समिति ने अपना काम पूरा कर लिया और 1951-52 और 1955 में चुनाव हुए, तो कांग्रेस ने उन्हें चुनाव में हराने के लिए कई कदम उठाए.’चिराग पासवान ने भी किया अमित शाह का समर्थनअमित शाह के समर्थन में एनडीए गठबंधन में शामिल लोजपा चिराग पासवान ने कहा, ‘कांग्रेस आज बाबा साहेब के सम्मान को लेकर चिंता जता रही है, ये वही कांग्रेस है जिसने बाबा साहेब अंबेडकर जी के रहते हुए उन्हें सम्मान देना जरूरी नहीं समझा. दशकों तक उनकी एक तस्वीर तक भारत की संसद में लगाना कांग्रेस ने जरूरी नहीं समझा. बाबा साहेब के सम्मान में भारत रत्न देना भी उन लोगों ने जरूरी नहीं समझा.

आज कांग्रेस केवल एक प्रतिस्पर्धा में है, क्यों? क्योंकि आज प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र की एनडीए सरकार ने भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े प्रमुख पलों को विकसित कर उन्हें चिन्हित करने का काम किया है. जब तक कांग्रेस सत्ता में रही उन्होंने बाबा साहेब का नाम लेना तो दूर की बात है उनके नाम को भुलाने का काम किया. आज उसी कांग्रेस पार्टी को बाबा साहेब के सम्मान की चिंता हो रही है? कांग्रेस केवल दिखावा कर रही है.

NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

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