झरिया(DHANBAD): होमगार्ड के विदाई समारोहों में अक्सर जवानों के दिलों का दर्द छलक कर सामने आ ही जाता है, जो सेवाकाल के दौरान अपर्याप्त सुविधाएं, कम वेतन, और सेवानिवृत्ति के बाद भविष्य की अनिश्चितता, सम्मान की कमी, या विभाग के अधिकारियों के व्यवहार से जुड़ा होता है। झरिया में दो होमगार्ड जवान की विदाई समारोह में जवानों का दर्द छलक उठा। सभी जवानों ने चंदा इक्कठा कर देवेंद्र सिंह और तेजनारायण सिंह का विदाई समारोह आयोजन किया। जिसमें फूलमाला अंगवस्त्र और सम्मान देकर उन्हें विदाई दी। इस विदाई समारोह जवानों ने एक स्वर में कहा कि होमगार्ड जवानों के विदाई समारोह में सौतेले व्यवहार किया जाता है। उन्हें नियमित पुलिसकर्मियों जैसी पेंशन और अन्य सुविधाएं नहीं मिलतीं, जिससे नाराज होकर कई बार जवान विरोध प्रदर्शन करते हैं, और विदाई के मौके पर साथी जवान चंदा इकट्ठा कर सम्मान करते हैं। होमगार्ड जवानों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन नहीं मिलती, जबकि अन्य सुरक्षा बलों को मिलती है, यह उनके लिए यह सबसे बड़ा रोना है। झारखंड सरकार बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी होमगार्ड जवानों को सम्मान सुविधा दे। जवान अपनी सेवाओं के बावजूद सम्मानजनक विदाई और उचित लाभ नहीं मिल पाता है।
NEWSANP के लिए कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

